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India Daily

ट्रंप का 'सीजफायर' मिशन, जेडी वेंस को कमान; होरमुज की शर्त पर ईरान को झुकाने की तैयारी

ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने युद्धविराम मांगा है. वेंस ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि होर्मुज खुलने तक दबाव रहेगा. वहीं ईरान ने इन दावों को निराधार बताते हुए युद्धविराम की बात को पूरी तरह नकारी है.

KanhaiyaaZee
ट्रंप का 'सीजफायर' मिशन, जेडी वेंस को कमान; होरमुज की शर्त पर ईरान को झुकाने की तैयारी
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच जारी भीषण जंग को एक महीने से अधिक का समय बीत चुका है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला दावा किया है कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने अमेरिका से युद्धविराम की गुहार लगाई है. ट्रंप ने साफ किया है कि वे शर्तों के साथ शांति के लिए तैयार हैं. हालांकि ईरान ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे ट्रंप की एक चाल और कोरी अफवाह करार दिया है.

ट्रंप के अनुसार उपराष्ट्रपति जेडी वेंस वर्तमान में ईरान संकट सुलझाने और मध्यस्थों से बातचीत में सक्रिय हैं. ट्रंप ने वेंस को संदेश दिया है कि अमेरिका सीजफायर के लिए राजी है लेकिन उसकी शर्तें अटल हैं. सबसे प्रमुख शर्त स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलना और उसे सुरक्षित बनाना है. वेंस ने चेतावनी दी है कि ट्रंप अब और इंतजार नहीं करेंगे. यदि ईरान समझौता नहीं करता है तो उसके इंफ्रास्ट्रक्चर पर दबाव बढ़ाकर उसे भारी नुकसान पहुंचाया जाएगा.

होर्मुज पर कड़ा रुख और पाषाण युग की चेतावनी 

राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट लिखा कि पेजेश्कियन की मांग पर तभी विचार होगा जब होर्मुज पूरी तरह स्वतंत्र और सुरक्षित होगा. उन्होंने बेहद सख्त लहजे में कहा कि जब तक ऐसा नहीं होता अमेरिका ईरान को पूरी तरह तबाह करने की ताकत रखता है. ट्रंप ने इसे 'ईरान को पाषाण युग में भेजने' जैसा बताया. अमेरिका का मानना है कि होर्मुज की नाकेबंदी वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा है जिसे किसी भी हाल में खोलना जरूरी है.

ईरान का तीखा पलटवार और दावों का खंडन 

ईरानी मीडिया और विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के दावों को पूरी तरह झूठा और निराधार बताया है. तेहरान ने स्पष्ट किया है कि युद्धविराम के लिए कोई गुप्त बातचीत नहीं चल रही है. राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन का कहना है कि वे केवल तभी सीजफायर चाहेंगे जब उनके विरोधी हमलों के दोबारा न शुरू होने की गारंटी प्रदान करें. ईरान ने अमेरिकी प्रशासन को अस्थिर और अविश्वसनीय बताया है. तेहरान के अधिकारियों के अनुसार ट्रंप के बयानों को अधिक महत्व नहीं देना चाहिए.

आईआरजीसी की सक्रियता और तेल टैंकर पर हमला 

इस राजनीतिक खींचतान के बीच ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने अपनी सैन्य गतिविधियां तेज कर दी हैं. गार्ड्स ने पुष्टि की है कि उन्होंने खाड़ी में एक इजरायली तेल टैंकर को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है. आईआरजीसी का रुख बेहद आक्रामक है और उन्होंने घोषणा की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य दुश्मनों के लिए पूरी तरह बंद रहेगा. यह बयान ट्रंप की शर्तों के ठीक विपरीत है जो संघर्ष को और अधिक सुलगाने और क्षेत्रीय तनाव को बढ़ाने का संकेत देता है.

ट्रंप का राष्ट्र के नाम संबोधन और अनिश्चितता 

पूरे विश्व की नजरें अब ट्रंप के उस संबोधन पर टिकी हैं जो वे भारतीय समयानुसार सुबह 6.30 बजे करने वाले हैं. संभावना है कि वे ईरान युद्ध को लेकर कोई बड़ी घोषणा कर सकते हैं. हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वे शांति का मार्ग चुनेंगे या सैन्य कार्रवाई को और अधिक तेज करेंगे. इस संबोधन से युद्ध की अगली दिशा तय होने की उम्मीद है. फिलहाल मध्य पूर्व में शांति की सभी संभावनाएं धुंधली और अनिश्चित बनी हुई हैं.