menu-icon
India Daily

'ईरान में हाहाकार..इंटरनेट बंद..सड़कों पर लाखों लोग', रजा पहलवी ने ट्रंप से की तुरंत हस्तक्षेप की अपील

ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच रजा पहलवी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से तुरंत हस्तक्षेप की अपील की है. उन्होंने इंटरनेट बंदी, गोलियों और संभावित हिंसक कार्रवाई को लेकर चिंता जताई है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
'ईरान में हाहाकार..इंटरनेट बंद..सड़कों पर लाखों लोग', रजा पहलवी ने ट्रंप से की तुरंत हस्तक्षेप की अपील
Courtesy: @StandUpForElonn and @PahlaviReza x account

नई दिल्ली: ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच ईरान के आखिरी शाह मोहम्मद रजा पहलवी के बेटे और निर्वासित नेता रजा पहलवी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से खुलकर मदद की अपील की है. रजा पहलवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए ट्रंप को संबोधित करते हुए इसे बेहद जरूरी और तुरंत कार्रवाई वाला संदेश बताया है. उन्होंने कहा कि ईरान में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं और आम लोग जान जोखिम में डालकर सड़कों पर उतर चुके हैं.

रजा पहलवी ने अपने संदेश में दावा किया कि ईरान में इंटरनेट और लैंडलाइन सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी गई हैं. उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी गोलियों का सामना कर रहे हैं और सरकार संचार व्यवस्था बंद कर हालात को और खतरनाक बना रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम लोगों की आवाज दबाने और हिंसक कार्रवाई को छिपाने के लिए उठाया गया है.

उन्होंने आगे क्या लिखा?

उन्होंने लिखा कि लाखों बहादुर ईरानी सड़कों पर उतरकर अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं. अब उन्हें सिर्फ गोलियों से ही नहीं बल्कि पूरी तरह संचार बंद होने की स्थिति से भी जूझना पड़ रहा है. उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें अपने शासन के अंत का डर सता रहा है.

रजा पहलवी के अनुसार खामेनेई ने सुरक्षा बलों को सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं. उन्होंने कहा कि सरकार इस संचार बंदी का इस्तेमाल युवा प्रदर्शनकारियों को कुचलने के लिए करना चाहती है. उन्होंने ट्रंप से कहा कि समय बेहद अहम है और प्रदर्शनकारी फिर से सड़कों पर उतरने वाले हैं.

रजा पहलवी ने क्या किया दावा?

रजा पहलवी ने दावा किया कि उन्होंने खुद लोगों से सड़कों पर उतरने का आह्वान किया है ताकि बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर सुरक्षा बलों पर दबाव बनाया जा सके. उन्होंने कहा कि ट्रंप की ओर से पहले दिए गए समर्थन के बयान से ईरानी सुरक्षा बल कुछ हद तक पीछे हटे थे.

उन्होंने ट्रंप को शांति का समर्थक बताते हुए कहा कि उन्हें अपने वादे पर कायम रहना चाहिए और ईरान के लोगों की मदद के लिए तैयार रहना चाहिए.

ईरान सरकार ने क्या दिए संकेत?

इस बीच ईरान सरकार ने संकेत दिए हैं कि सुरक्षा बल विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए कार्रवाई करेंगे. सर्वोच्च नेता अली खामेनेई ने ट्रंप पर तीखा हमला करते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के हाथ ईरानियों के खून से सने हैं. सरकारी टीवी पर अमेरिका विरोधी नारे भी दिखाए गए हैं. ईरानी मीडिया ने प्रदर्शनकारियों को आतंकवादी करार दिया है, जिसे पहले भी हिंसक कार्रवाई से पहले इस्तेमाल किया जाता रहा है.