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India Daily

ईरान के हमले से कतर का LNG प्लांट छतिग्रस्त, अब 5 सालों तक झेलनी पड़ सकती है दिक्कत; भारत समेत कई देश होंगे प्रभावित

ईरान ने बुधवार को कतर के एलएनजी प्लांटपर हमला कर दिया. इस हमले से कतर ऊर्जा कंपनियों को भारी नकुसान पहुंचा है. इसका असर ना केवल कतर बल्कि पूरे विश्व पर पड़ने वाला है. इस बात की जानकारी खुद कतर एनर्जी के सीईओ ने दी है.

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Edited By: Shanu Sharma
ईरान के हमले से कतर का LNG प्लांट छतिग्रस्त, अब 5 सालों तक झेलनी पड़ सकती है दिक्कत; भारत समेत कई देश होंगे प्रभावित
Courtesy: X (@Abraracurs64713)

ईरान द्वारा किए गए हमले से कतर की ऊर्जा कंपनियों को भारी नुकसान पहुंचा है, साथ ही इस हमले से वैश्विक गैस बाजार भी प्रभावित हुआ है. कतर एनर्जी के सीईओ और ऊर्जा मंत्री साद अल-काबी ने ईरान के हमलों के बारे में बात करते हुए कहा कि कतर की एलएनजी निर्यात क्षमता का 17 प्रतिशत हिस्सा प्रभावित हुआ है. उन्होंने कहा कि इससे सालाना 20 अरब डॉलर का नुकसान हो रहा है और इसके मरम्मत में 3 से 5 साल लग सकते हैं.

दुनिया का सबसे बड़ा एलएनजी प्लांट रास लफान पर ईरान ने हमला कर दिया. इस हमले में कम से कम दो एलएनजी ट्रेनें और एक गैस-टू-लिक्विड्स सुविधा क्षतिग्रस्त हुईं. हालांकि इस हमले में कोई हताहत की खबर नहीं है. हालांकि कतर ने इस हमले के बाद ईरान के राजदूत को निष्कासित कर दिया.

कतर एनर्जी के सीईओ ने बताय क्या नुकसान

कतर एनर्जी के सीईओ ने बताया कि इस नुकसान के कारण हर साल 12.8 मिलियन टन एलएनजी उत्पादन रुकेगा. इसकी वजह से चीन, भारत, इटली, बेल्जियम और दक्षिण कोरिया जैसे देश प्रभावित हो सकते हैं. कतर एनर्जी ने लंबे अनुबंधों पर फोर्स मेज्योर लागू किया है. अल-काबी ने कहा कि पहले छोटे समय के लिए ऐसा हुआ था, अब जितना समय लगेगा, उतना लागू रहेगा. उन्होंने कहा कि उत्पादन शुरू करने के लिए हमलों का रुकना जरूरी है. अल-काबी ने रॉयटर्स से कहा कि सबसे बुरे सपने में भी नहीं सोचा था कि रमजान में भाईचारे वाले मुस्लिम देश से ऐसा हमला होगा. उन्होंने कहा कि पूरा क्षेत्र 10-20 साल पीछे चला गया है, कतर की सुरक्षित छवि धूमिल हो गई है. हमले से हुए नुकसान के मरम्मत में अरबों डॉलर लगेंगे.

भारत समेत दुनिया के कई देशों को झटका

भारत अपनी प्राकृतिक गैस का 20 प्रतिशत कतर से आयात करता है. एलएनजी के अलावा कंडेंसेट में 24 प्रतिशत, एलपीजी में 13 प्रतिशत, हीलियम में 14 प्रतिशत और नेफ्था-साल्फर में 6 प्रतिशत गिरावट आएगी. भारत में रेस्टोरेंटों की एलपीजी से लेकर दक्षिण कोरिया के चिप उत्पादन तक प्रभाव पड़ेगा. नॉर्थ फील्ड विस्तार प्रोजेक्ट पर काम रुका है, इसमें एक साल से ज्यादा देरी हो सकती है. ईरान ने इजरायल के साउथ पार्स हमले के जवाब में खाड़ी की ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाया. अल-काबी ने कहा कि यह इजरायल-ईरान का मामला है, हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं. दुनिया को तेल-गैस सुविधाओं से दूर रहना चाहिए. अमेरिका, इजरायल या कोई भी देश इन पर हमला न करे.