नई दिल्ली: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है. पुतिन ने कहा है कि पीएम मोदी ने यूक्रेन संघर्ष को खत्म करने की कोशिश की है, जो काफी सराहनीय है. पुतिन ने कहा कि मोदी लगातार इस मुद्दे को उठाते हैं और दोनों पक्षों के लिए स्वीकार्य समाधान खोजने में उनकी दिलचस्पी है. उन्होंने मोदी के प्रयासों के लिए आभार भी जताया. पुतिन के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी उन नेताओं में शामिल हैं जो रूस के साथ अच्छे और मैत्रीपूर्ण संबंध होने के बावजूद यूक्रेन संघर्ष को खत्म करने का मुद्दा लगातार उठाते हैं.
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की रुचि संघर्ष को खत्म करने में है. उनके पास ऐसा समाधान खोजने के लिए अच्छे विचार हैं, जिसे दोनों पक्ष स्वीकार कर सकें. पुतिन ने यह भी कहा कि रूस मोदी के उन प्रयासों के लिए आभारी है, जिनका उद्देश्य संघर्ष को शांतिपूर्ण तरीके से जल्द खत्म करना है.
भारत लंबे समय से रूस-यूक्रेन संघर्ष के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति की वकालत करता रहा है. प्रधानमंत्री मोदी ने एक इंटरव्यू में कहा था कि भारत ने इस संघर्ष को लेकर एक सैद्धांतिक और मानवीय रुख अपनाया है. पीएम मोदी ने कहा था कि भारत दोनों पक्षों के साथ अपने अच्छे संबंधों का इस्तेमाल शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में प्रयासों को मजबूत करने के लिए कर सकता है. उन्होंने बातचीत और कूटनीति के जरिए संघर्ष खत्म करने पर जोर दिया था.
#WATCH | Russian President Vladimir Putin says, "Prime Minister Narendra Modi is one of those world leaders who, despite our very good and even friendly relations, personal good relations, constantly raises the question and asks the question about putting an end to the conflict… pic.twitter.com/BSJBswQn9G
— ANI (@ANI) October 1, 2026
यूक्रेन में जारी युद्ध को लेकर हाल के दिनों में भी कूटनीतिक गतिविधियां जारी हैं. 25 सितंबर को पुतिन ने कहा था कि यूक्रेन संकट के समाधान से जुड़े सभी प्रस्ताव अभी विचार के लिए मौजूद हैं, लेकिन रूस अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ेगा. वहीं संघर्ष के बीच दोनों पक्षों के बीच सैन्य कार्रवाई भी जारी रही है. इससे साफ है कि शांति की कोशिशों के साथ-साथ जमीनी स्तर पर संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है.
प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन की हालिया मुलाकात सितंबर में नई दिल्ली में हुए 18वें ब्रिक्स समिट के दौरान हुई थी. दोनों नेताओं ने भारत-रूस संबंधों और आर्थिक सहयोग से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की थी. बैठक में व्यापार के साथ-साथ इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा, तकनीक, रक्षा और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर भी बातचीत हुई थी.
पुतिन का यह बयान ऐसे समय आया है जब यूक्रेन संघर्ष के समाधान को लेकर अलग-अलग स्तर पर बातचीत और कूटनीतिक प्रयास जारी हैं. भारत ने खुद को किसी एक पक्ष के समर्थन में रखने के बजाय संवाद और शांतिपूर्ण समाधान पर जोर दिया है. हालांकि, पुतिन का बयान यह नहीं बताता कि रूस-यूक्रेन संघर्ष को खत्म करने के लिए कोई नया समझौता तय हो गया है. फिलहाल युद्ध जारी है और किसी स्थायी शांति समझौते की घोषणा नहीं हुई है.