पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची में शुक्रवार को एक बड़ा सुरक्षा संकट सामने आया, जब गुलिस्तान-ए-जौहर क्षेत्र में स्थित पाकिस्तान रेंजर्स मुख्यालय के नजदीक जोरदार विस्फोट हुआ. धमाके के बाद इलाके में लगातार गोलीबारी की आवाजें सुनाई दीं, जिससे आसपास के क्षेत्रों में दहशत फैल गई. शुरुआती जानकारी के अनुसार इस हमले में चार लोगों की जान चली गई, जबकि तीन अन्य घायल हुए हैं. घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं और पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया.
जानकारी के अनुसार, हमला गुलिस्तान-ए-जौहर के ब्लॉक-6 में स्थित रेंजर्स हेडक्वार्टर के पास हुआ. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पहले एक जोरदार धमाका हुआ, जिसके कुछ देर बाद गोलीबारी शुरू हो गई. घटनास्थल के आसपास अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक आत्मघाती हमलावर ने सुरक्षा प्रतिष्ठान को निशाना बनाकर विस्फोट किया. इसके बाद उसके साथियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग शुरू कर दी. सूत्रों का दावा है कि मुख्य धमाके के बाद दो छोटे विस्फोट भी हुए. सुरक्षा बलों और हमलावरों के बीच करीब आधे घंटे तक मुठभेड़ चलती रही.
घटना के तुरंत बाद भारी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए. पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया गया. अधिकारियों ने आसपास की सड़कों पर आवाजाही सीमित कर दी है. फिलहाल हमले के पीछे किस संगठन का हाथ है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
जिस स्थान पर हमला हुआ, वह कराची का महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है. यह सड़क कई शैक्षणिक संस्थानों को जोड़ती है और शहर के प्रमुख हिस्सों तक पहुंच प्रदान करती है. रेंजर्स मुख्यालय होने के कारण यहां पहले से ही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहती है. इसके बावजूद हुए हमले ने सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं.
स्थानीय मीडिया के अनुसार, सिंध के मुख्यमंत्री सैयद मुराद अली शाह ने घटना की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में भारी पुलिस बल और लगातार चल रहे सुरक्षा अभियान की झलक दिखाई दे रही है. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी.