नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को अपनी दो दिवसीय महत्वपूर्ण आधिकारिक यात्रा पर इजरायल पहुंच गए हैं. लेकिन इस बार चर्चा केवल उनके कूटनीतिक दौरों की ही नहीं, बल्कि उनके सफर की भी हो रही है. दुनिया भर में विमानों की आवाजाही पर नजर रखने वाले लोकप्रिय ऑनलाइन प्लेटफॉर्म 'फ्लाइटरडार' के आंकड़ों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी की फ्लाइट को इस वक्त विश्व में सबसे ज्यादा ट्रैक किया जा रहा है. जैसे ही पीएम का विमान तेल अवीव के बेन गुरियन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड हुआ, भारतीय कूटनीति और तकनीकी सुरक्षा के प्रति वैश्विक आकर्षण साफ नजर आया.
फ्लाइटरडार एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो दुनिया भर में उड़ रहे विमानों की रियल-टाइम लोकेशन, गति, ऊंचाई और रूट की जानकारी साझा करता है. बुधवार शाम का मंजर कुछ ऐसा था कि पौने चार बजे जब प्रधानमंत्री का विमान सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र को पार कर जॉर्डन में दाखिल हो रहा था, तब करीब 7,184 लोग इसे एक साथ लाइव ट्रैक कर रहे थे. वैश्विक स्तर पर किसी भी राष्ट्राध्यक्ष की उड़ान के प्रति ऐसी उत्सुकता बिरले ही देखने को मिलती है.
प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा का सबसे दिलचस्प पहलू विमान का मार्ग (रूट) रहा. सुरक्षा और रणनीतिक कारणों से उनके विमान ने पाकिस्तान और ईरान के एयर स्पेस को पूरी तरह से 'एवॉइड' किया. बुधवार 25 फरवरी 2026 की सुबह दिल्ली के पालम एयर फोर्स स्टेशन से उड़ान भरने के बाद, एयर इंडिया वन गुजरात होते हुए अरब सागर के ऊपर से ओमान पहुंचा. इसके बाद विमान ने सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र के मध्य से होते हुए जॉर्डन में प्रवेश किया और फिर इज़राइल की सीमा में दाखिल हुआ. लगभग 6 से 7 घंटे की इस सीधी उड़ान ने सुरक्षा प्रोटोकॉल की नई मिसाल पेश की.
पीएम मोदी ने इस यात्रा के लिए 'एयर इंडिया वन' (Boeing 777-300ER) का उपयोग किया. यह केवल एक विमान नहीं, बल्कि भारत सरकार का एक विशेष 'फ्लाइंग कमांड सेंटर' है. स्पेशल कॉन्फ़िगरेशन के साथ आने वाले इस विमान में सुरक्षित संचार प्रणाली और अत्याधुनिक डिफेंस सिस्टम शामिल हैं. इसमें मौजूद कमांड सेंटर के जरिए प्रधानमंत्री हवा में रहते हुए भी दुनिया के किसी भी कोने से संपर्क साध सकते हैं और देश की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर सकते हैं.