ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की आधिकारिक पुष्टि के बाद देशभर में भावनाओं का ज्वार उमड़ पड़ा है. इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमले में उनके मारे जाने की खबर ने समर्थकों को झकझोर दिया है. सरकार ने एक सप्ताह का सार्वजनिक अवकाश और 40 दिनों के शोक की घोषणा की है. राजधानी तेहरान सहित कई शहरों में लोग सड़कों पर उतरकर विरोध जता रहे हैं, जबकि पड़ोसी देशों में भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.
राजधानी तेहरान की सड़कों पर हजारों समर्थक इकट्ठा हुए. कई लोग काले कपड़ों में नजर आए और धार्मिक नारे लगाते रहे. माहौल में गुस्सा और शोक दोनों दिखाई दिए. सुरक्षा बलों की भारी तैनाती के बीच प्रदर्शन शांतिपूर्ण रखने की अपील की गई, लेकिन भीड़ में भावनाएं उफान पर थीं. कई इलाकों में दुकानें बंद रहीं और लोग अपने नेता को श्रद्धांजलि देते दिखे.
इस्फहान में भी बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए. स्थानीय मंचों से भाषण दिए गए, जिनमें हमले की कड़ी निंदा की गई. वक्ताओं ने इसे देश की संप्रभुता पर हमला बताया. प्रदर्शनकारियों ने हाथों में झंडे और पोस्टर लेकर मार्च निकाला. शहर के प्रमुख चौराहों पर भारी भीड़ देखी गई, जिससे यातायात प्रभावित रहा. प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है.
ईरान से बाहर भी विरोध की लहर दिखाई दी. इराक की राजधानी बगदाद में प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी दूतावास के बाहर प्रदर्शन किया. कुछ स्थानों पर पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया. पाकिस्तान के कराची में भी गुस्साई भीड़ ने रैलियां निकालीं. वहां अमेरिकी कॉन्सुलेट के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गई. क्षेत्र में बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है.
भारत में भी कुछ स्थानों पर प्रतिक्रिया देखी गई. जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में शिया समुदाय के लोगों ने जुलूस निकालकर मातम मनाया. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कैंडल मार्च की घोषणा की गई और तीन दिन के शोक का ऐलान किया गया. स्थानीय प्रशासन ने एहतियातन सुरक्षा बढ़ा दी है ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो.
खामेनेई के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता घोषित किया गया है. ईरान ने अमेरिका और इजरायल को कड़ी चेतावनी दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी जवाबी बयान देते हुए किसी भी आक्रामक कदम के खिलाफ सख्त प्रतिक्रिया की बात कही. हालात को देखते हुए क्षेत्र में तनाव चरम पर है और दुनिया की नजरें अब आगे की घटनाओं पर टिकी हैं.