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India Daily

Israel Hamas War: फिलिस्तीनी राष्ट्रपति अब्बास का हमला बोले- 'गाजा के बुरे हालातों के लिए सिर्फ अमेरिका जिम्मेदार'

Israel Hamas War: गाजा में जारी जंग के बीच तत्काल सीजफायर को लेकर लाया गया प्रस्ताव यूएन सिक्योरिटी काउंसिल में खारिज हो गया. अमेरिका ने यूएई के लाए इस प्रस्ताव पर वीटो कर दिया. इस पर फिलिस्तीनी राष्ट्रपति ने गाजा में खून-खराबे के लिए यूएस को जिम्मेदार ठहराया है.

Shubhank Agnihotri
Israel Hamas War: फिलिस्तीनी राष्ट्रपति अब्बास का हमला बोले- 'गाजा के बुरे हालातों के लिए सिर्फ अमेरिका जिम्मेदार'

हाइलाइट्स

  • तत्काल सीजफायर के प्रस्ताव पर अमेरिकी वीटो 
  • फिलिस्तीन को बर्बाद करने के लिए खाली चेक 

Israel Hamas War: इजरायल और हमास में जारी जंग के बीच फिलिस्तीन राज्य के प्रेसिडेंट महमूद अब्बास ने गाजा में खून खराबे के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है.

उन्होंने गाजा में मानवीय सीजफायर की मांग करने वाले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव पर अमेरिका के वीटो को फिलिस्तीनियों के खिलाफ युद्ध अपराध बताया है. 


तत्काल सीजफायर के प्रस्ताव पर अमेरिकी वीटो 

फिलीस्तीनी राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी किए गए बयान के मुताबिक, अब्बास ने अमेरिका के रुख को आक्रामक, अनैतिक और सभी सिद्धांतो का उल्लंघन बताया है.

बयान में कहा गया कि गाजा में फिलिस्तीनी बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की हत्या का जिम्मेदार अमेरिका है.

आपको बता दें कि गाजा में जारी जंग के बीच तत्काल सीजफायर को लेकर लाया गया प्रस्ताव यूएन सिक्योरिटी काउंसिल में खारिज हो गया है. अमेरिका ने यूएई के लाए इस प्रस्ताव पर वीटो कर दिया.


वैश्विक संस्थाओं ने अमेरिका पर साधा निशाना 

इससे पहले तमाम वैश्विक नेताओं, संस्थाओं ने गाजा में तत्काल युद्धविराम पर लाए प्रस्ताव पर अमेरिकी वीटो की आलोचना की है. अक्टूबर से जारी इस युद्ध में अब तक हजारों लोग जान गंवा चुके हैं.

इजरायली हमलों में 17,400 से ज्यादा फिलिस्तीनी अपनी जान गंवा चुके हैं.

आपको बता दें कि हमास ने सात अक्टूबर को एकाएक हजारों रॉकेट इजरायल पर दाग हमला कर दिया था. इसमें इजरायल के 1100 लोग मारे गए थे. 


फिलिस्तीन को बर्बाद करने के लिए खाली चेक 


रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा प्रस्ताव पर वीटो करने और ब्रिटेन के अनुपस्थित रहने के बाद UNSC में शुक्रवार को प्रस्ताव पारित नहीं हो सका.

यूएनएससी के 15 वर्तमान अस्थायी सदस्यों में से शेष 13 ने संयुक्त अरब अमीरात द्वारा रखे गए प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया .

फिलिस्तीन के पीएम मोहम्मद शतयेह ने कहा कि अमेरिका का यह वीटो अपमानजनक है. यह उनके राज्य को बर्बाद करने के लिए एक खाली चेक जैसा है.