अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव अब भी जारी है. रमजान के इस महीने में दोनों देशों के बीच लगातार हमले हो रहे हैं. अफगान की तालिबान सरकार ने पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाए हैं. तालिबान के अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तानी वायुसेना ने अफगानिस्तान के कई हिस्सों पर भीषण हमले किए.
तालिबान अधिकारियों के मुताबिक इन हमलों में काबुल, कंधार, पक्तिया और पक्तिका प्रांत प्रभावित हुआ. इसके अलावा इन हमलों में कंधार हवाई अड्डे के पास निजी एयरलाइन 'काम एयर' के ईंधन डिपो को भी निशाना बनाया गया. यह कंपनी सिविल विमानों के अलावा संयुक्त राष्ट्र के विमानों को भी ईंधन देती है.
मिडिल ईस्ट में पहले से ही तनाव जारी है, जिसके कारण कई देशों को ईधन संकट से गुजरना पड़ रहा है. ऐसे में ईंधन डिपो को निशाना बनाया जा रहा है. अफगान पक्ष का कहना है कि रिहायशी इलाकों को भी निशाना बनाया गया. इन हमलों में कई घर तबाह हो चुके हैं. महिलाओं और बच्चों की मौत की खबरें भी सामने आई हैं. इसके अलावा रेगिस्तान में लगातार बम बरसाए जा रहे हैं. तालिबान सरकार ने इन हमलों को 'क्रूर आक्रामकता' बताया है. बयान में कहा गया कि रमजान के आखिरी दस दिनों और ईद के करीब ऐसे हमले करना मानवीय सिद्धांतों के खिलाफ है. पाकिस्तानी शासन पर नैतिक मूल्यों से मुक्त होने का आरोप लगाया गया.
अफगान प्रवक्ता ने इसे 'घिनौना अपराध' और 'खुली आक्रामकता' करार दिया. साथ ही उन्होंने बदले की कसम खाई. उन्होंने चेतावनी दी कि इस क्रूरता का जवाब जरूर दिया जाएगा. तालिबान ने अफगान संप्रभुता के उल्लंघन की कड़ी निंदा की. कुछ दिनों से दोनों देशों के बीच लगातार जंग जारी है. हालांकि इन हमलों को लेकर पाकिस्तानी सूचना मंत्री ने दावा किया कि ये हमले तालिबान के सैन्य ठिकानों पर थे. इससे पहले अफगानी सेना ने भी कई पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराने का दावा किया था. उनके मुताबिक उनकी कार्रवाई में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए. 19 सैन्य चौकियों पर कब्जा किया गया. हालांकि दोनों पक्षों द्वारा अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं. पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान पाकिस्तानी तालिबान जैसे उग्रवादियों को शरण देता है. वहीं तालिबान इन आरोपों से इनकार करता है.