नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेशेल्स दौरे के दौरान राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर भारत और सेशेल्स के रिश्तों को नई दिशा देने की पहल की. हिंद महासागर क्षेत्र की सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और तकनीकी साझेदारी इस वार्ता के प्रमुख विषय रहे. दोनों देशों ने साझा विकास और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए कई महत्वपूर्ण समझौतों पर सहमति जताई. यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब दोनों देश अपने राजनयिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ भी मना रहे हैं.
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और सेशेल्स हिंद महासागर को अपना साझा घर मानते हैं. उन्होंने जोर दिया कि इस क्षेत्र की सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धि दोनों देशों की साझा जिम्मेदारी है. मोदी ने कहा कि भारत चाहता है कि हिंद महासागर अवसरों का महासागर बने, जहां सुरक्षा और विकास साथ-साथ आगे बढ़ें.
दोनों देशों ने रक्षा और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई. भारत ने सेशेल्स को एक फास्ट पेट्रोल वेसल, 10 यूटिलिटी वाहन और पांच लेजर रेडियल क्लास बोट्स देने की घोषणा की. साथ ही सेशेल्स कोस्ट गार्ड के जहाज और डोर्नियर विमान के उन्नयन से जुड़ी जानकारी भी साझा की गई.
बैठक के बाद रक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, अंतरिक्ष और डिजिटल क्षेत्र समेत कुल 19 समझौतों और नई पहलों की घोषणा की गई. इनमें प्रत्यर्पण संधि, अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग में सहयोग और वित्तीय सहायता से जुड़े महत्वपूर्ण समझौते शामिल हैं. दोनों देशों ने आर्थिक सहयोग को और विस्तार देने पर भी सहमति व्यक्त की.
डिजिटल भुगतान व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भारत की UPI प्रणाली को सेशेल्स में बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया. इसके लिए संबंधित संस्थाओं के बीच समझौता हुआ. वहीं स्वास्थ्य क्षेत्र में जन औषधि योजना के तहत भारतीय दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी.
भारत ने सेशेल्स को छह एंबुलेंस, 500 मीट्रिक टन चावल और 8,500 मीट्रिक टन सीमेंट देने की घोषणा की. इसके साथ ही दोनों देशों के राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने पर एक स्मारक लोगो भी जारी किया गया. इसे भारत और सेशेल्स के बीच लंबे समय से कायम विश्वास, मित्रता और सहयोग का प्रतीक माना जा रहा है.