दुष्कर्म, जबरन धर्मांतरण और निकाह… पाकिस्तान के सिंध में अल्पसंख्यक बेटियों पर बढ़ता खतरा

पाकिस्तान के सिंध प्रांत से सामने आई एक घटना ने अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. एक नाबालिग हिंदू लड़की के साथ कथित तौर पर अपहरण, दुष्कर्म, जबरन धर्म परिवर्तन और निकाह की खबर ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदुओं को लेकर चिंता बढ़ा दी है.

Pinterest
Meenu Singh

नई दिल्ली: पाकिस्तान के सिंध प्रांत से सामने आई एक घटना ने अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. एक नाबालिग हिंदू लड़की के साथ कथित तौर पर अपहरण, दुष्कर्म, जबरन धर्म परिवर्तन और निकाह की खबर ने न सिर्फ स्थानीय स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदुओं को लेकर चिंता बढ़ा दी है. इस घटना ने एक बार फिर वहां के कमजोर वर्गों की सुरक्षा व्यवस्था पर बहस छेड़ दी है.

यह मामला सिंध का है, जहां अल्पसंख्यक अधिकार संगठन वॉयस ऑफ पाकिस्तान माइनॉरिटी ने इस घटना की कड़ी निंदा की है. संगठन के अनुसार, रामसुन ठाकुर की 9th क्लास में पढ़ने वाली नाबालिग बेटी पूजा का अपहरण किया गया और उसे जबरन इस पूरी प्रक्रिया से गुजरना पड़ा.

अपहरण, दुष्कर्म फिर धर्मांतरण...

रिपोर्ट के मुताबिक, लड़की को पहले अगवा किया गया और उसके बाद उसके साथ दुष्कर्म किया गया. इसके बाद उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया और कथित तौर पर उसका नाम बदलकर ‘दुआ फातिमा’ रख दिया गया. संगठन का कहना है कि यह सब बच्ची की इच्छा के खिलाफ किया गया था.

जबरन निकाह का आरोप

अधिकार समूह ने दावा किया है कि लड़की का निकाह इमरान अली नाम के एक व्यक्ति से करवा दिया गया, जोकि अल्लाह वारियो का बेटा बताया जा रहा है. इसे एक अमानवीय परंपरा बताते हुए संगठन ने कहा कि इस तरह की घटनाएं पीड़ितों की पहचान और स्वतंत्रता दोनों छीन लेती हैं. पाकिस्तान में ऐसी घटनाओं का बढ़ना वहीं की बेटियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल है. 

परिवार और समाज में आक्रोश

इस घटना के बाद अब पीड़िता के परिवार की स्थिति बेहद दर्दनाक बताई जा रही है. अब यह मामला सोशल मीडिया और विभिन्न मानवाधिकार समूहों के जरिए तेजी से फैल रहा है, जिससे सिंध में रहने वाले हिंदू समुदाय के बीच डर और असुरक्षा की भावना और गहरी हो गई है.

अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा की मांग तेज

वॉयस ऑफ पाकिस्तान माइनॉरिटी का कहना है कि यह कोई पहली या अकेली घटना नहीं है, बल्कि पाकिस्तान में ऐसा लगातार होता आ रहा है. यह एक लगातार जारी समस्या का हिस्सा है. 

संगठन ने आरोप लगाया कि खासतौर पर सिंध में हिंदू परिवारों को इस डर के साये में जीना पड़ता है कि उनकी बेटियों को अगवा कर जबरन धर्म परिवर्तन और शादी के लिए मजबूर किया जा सकता है. इस घटना के बाद अब अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाने की मांग तेज हो गई है.