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India Daily

बालेन सरकार पर भारी पड़ा पहला महीना! छात्र संघ भंग और गृहमंत्री के 'काले कारोबार' पर नेपाल में भारी बवाल, सड़कों पर उतरे हजारों छात्र

नेपाल में बालेन शाह की नई सरकार को बने एक महीना भी नहीं हुआ कि पूरे देश में भारी विरोध शुरू हो गया है. छात्र संघों को खारिज करने के फैसले और गृहमंत्री सुदन गुरुंग पर मनी लॉन्ड्रिंग व अवैध संपत्ति के आरोपों ने जनता को सड़कों पर उतार दिया है. स्कूली छात्रों ने यूनिफॉर्म में प्रदर्शन किया, जबकि भारत से 100 रुपये से ज्यादा के सामान पर कस्टम ड्यूटी लगाने के फैसले ने भी गुस्सा भड़का दिया.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
बालेन सरकार पर भारी पड़ा पहला महीना! छात्र संघ भंग और गृहमंत्री के 'काले कारोबार' पर नेपाल में भारी बवाल, सड़कों पर उतरे हजारों छात्र
Courtesy: social media

नई दिल्ली: नेपाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है. बालेन शाह के नेतृत्व वाली दो-तिहाई बहुमत वाली सरकार को सत्ता संभाले अभी एक महीना भी पूरा नहीं हुआ, लेकिन देशभर में उनके खिलाफ जनाक्रोश उमड़ पड़ा है. काठमांडू की सड़कों पर हजारों लोग उतर आए हैं. छात्र संगठनों को भंग करने के फैसले और गृहमंत्री सुदन गुरुंग पर लगे गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों ने आग में घी का काम किया है. आम जनता अब सरकार की नीतियों को खुलकर चुनौती दे रही है.

छात्र संघ भंग करने और गृहमंत्री के 'काले कारोबार' पर बवाल

काठमांडू से लेकर सिंहदरबार तक विरोध की आवाज गूंज रही है. सरकार ने विश्वविद्यालयों और स्कूलों में राजनीतिक छात्र संघों को हटाने का फैसला लिया, जिसे युवा वर्ग दमनकारी बता रहा है. हजारों स्कूली छात्र अपनी यूनिफॉर्म में सड़कों पर उतर आए और नारेबाजी करने लगे. छात्र संगठनों का आरोप है कि सरकार संवाद की बजाय दबाव और दमन का रास्ता चुन रही है. इस आंदोलन ने अब सामाजिक रूप ले लिया है.

मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप

गृहमंत्री सुदन गुरुंग पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि उन्होंने आय से ज्यादा संपत्ति जमा की और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद दीपक भट्ट के साथ संदिग्ध लेन-देन किया. कई कंपनियों में लाखों के शेयर खरीदने और आईएनजीओ की राशि को व्यक्तिगत खाते में ट्रांसफर करने के प्रमाण भी सामने आए हैं. विपक्ष और नागरिक समूह अब उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.

भारत से व्यापार और कस्टम ड्यूटी का तनाव

सरकार ने भारत से 100 रुपये से ज्यादा मूल्य के छोटे-मोटे सामान पर अनिवार्य कस्टम ड्यूटी लगा दी है. सीमावर्ती इलाकों के लोग जहां रोजमर्रा की जरूरतें भारत से पूरी करते हैं, वहां यह फैसला भारी पड़ गया है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह नीति आम आदमी की जेब पर बोझ है और भारत के साथ व्यापारिक संबंधों को नुकसान पहुंचा रही है. कई जगहों पर स्थानीय लोग इस फैसले के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं.

नेपाल: बालेन सरकार के खिलाफ जनाक्रोश

बालेन शाह सरकार की नीतियों के खिलाफ अब विरोध पूरे देश में फैलता जा रहा है. राजनीतिक दलों से लेकर युवा और छात्र संगठनों तक सभी सरकार पर जनविरोधी फैसले थोपने का आरोप लगा रहे हैं. विश्लेषकों का मानना है कि अगर सरकार जल्दी संवाद नहीं करती तो स्थिति और बिगड़ सकती है. फिलहाल काठमांडू की सड़कें विरोध प्रदर्शनों से गुलजार हैं और सरकार पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है.