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दुनियाभर में हमारी बदनामी हो रही,अल्पसंख्यकों को लेकर PAK सरकार का बड़ा कबूलनामा 

Pakistan News: पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय आए दिन हिंसा का सामना करते हैं. कभी उन्हें धर्म बदलने के लिए मजबूर किया जाता है तो कभी उनके धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाया जाता है. ईशनिंदा के आरोप में कई बार तो अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया जबकि उन पर ईशनिंदा के आरोप भी साबित नहीं हुए. पाक में अल्पसंख्यकों की बदहाली पर रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अपनी चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय उत्पीड़न का सामना कर रहा है.इससे हमारी दुनियाभर में बदनामी हो रही है.

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Khawaja Asif
Courtesy: Social Media

Pakistan News: पाकिस्तान में आए दिन ईशनिंदा के नाम पर हिंदू, अहमदिया, ईसाई समुदाय के किसी भी शख्स के साथ मॉब लिचिंग की खबरें सामने आती हैं. अब पाक के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी यह बात स्वीकार कर ली है. उन्होंने कहा है कि यह बात सच है कि हमारे यहां अल्पसंख्यक समुदाय का उत्पीड़न हो रहा है. यह चिंता की बात है, इस कारण हमारी दुनियाभर में बदनामी हो रही है. ख्वाजा ने कहा कि हर दिन यहां अल्पसंख्यकों का कत्ल हो रहा है. इस्लाम की छाया में वे सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं. 

ख्वाजा आसिफ ने कहा कि मैं अल्पसंख्यक समुदाय की दिक्कतों को दूर करना चाहता हूं, लेकिन विपक्ष इसमें अड़ंगा लगाता है. इस कारण हमारे मुल्क की पूरी दुनिया में बदनामी हो रही है.ख्वाजा ने आगे कहा कि संविधान की ओर से सुरक्षा और सरंक्षण देने के बाद भी इस्लाम से ही जुड़े छोटे पंथ और दूसरों मजहबों के लोग सुरक्षित नहीं हैं.

ईशनिंदा से नहीं था कोई संबंध 

इस दौरान उन्होंने मांग की कि नेशनल असेंबली को उनकी सुरक्षा को लेकर एक बिल पास करना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि यह बात सच है कि ऐसे कई सारे लोग हैं जिन्होंने अत्याचार का सामना किया है. उनका ईशनिंदा से भी कोई संबंध नहीं था, लेकिन उन्हें आपसी रंजिश के कारण मार दिया गया. इसके बाद उन्होंने कहा कि पाक में छोटे मुस्लिम समुदायों को भी अपमान का सामना करना पड़ता है. 

एक प्रांत में नहीं पूरे मुल्क में समस्या 

पाक ह्यूमन राइट्स की रिपोर्ट के अनुसार, हिंदू, सिख, ईसाई धर्म के अल्पसंख्यकों को जबरन धर्मांतरण, हिंसा, धार्मिक स्थलों पर हमलों का सामना करना पड़ता है. उन्होंने कहा कि यह समस्या किसी एक राज्य में नहीं बल्कि पूरे मुल्क में है. उन्हें हेट स्पीच से लेकर हिंसा तक का सामना करना पड़ता है. रक्षा मंत्री आसिफ ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को रोजगार, शिक्षा, और ईशनिंदा के नाम पर उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है.