पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर यानी PoK में राजनीतिक हालात के बीच PML-N का रुख बदलता नजर आ रहा है. महीनों तक चले विरोध प्रदर्शनों और हिंसक घटनाओं के बाद अब पार्टी प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत का रास्ता अपनाने की तैयारी में है. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सलाहकार और PML-N के वरिष्ठ नेता राणा सनाउल्लाह ने शनिवार को कहा कि प्रदर्शनकारियों का बड़ा हिस्सा देशभक्त है.
राणा सनाउल्लाह ने स्पष्ट किया कि PML-N के प्रतिनिधि जल्द ही Joint Awami Action Committee यानी JAAC के सदस्यों से मुलाकात करेंगे. JAAC ही PoK में जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों का प्रमुख मंच रहा है. सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत को क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.
PoK में चुनाव के तीसरे चरण से पहले आयोजित एक रैली में सनाउल्लाह ने प्रदर्शनकारियों को लेकर अहम बयान दिया. उन्होंने कहा कि JAAC से जुड़े करीब 99 प्रतिशत लोग पाकिस्तान के देशभक्त नागरिक हैं. उन्होंने संकेत दिया कि PML-N को सत्ता में दो-तिहाई बहुमत मिलने के बाद सरकार JAAC प्रतिनिधियों के साथ बैठकर विवादों का समाधान निकालने को प्राथमिकता देगी.
PML-N के मौजूदा रुख को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि कुछ समय पहले तक सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों पर अलग तरह के आरोप लगाए जाते रहे थे. पार्टी की ओर से दावा किया गया था कि प्रदर्शनकारियों के बीच प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान से जुड़े लोग मौजूद थे. इन आरोपों का इस्तेमाल सुरक्षा कार्रवाई को उचित ठहराने के लिए किया गया था.
PoK विधानसभा की 45 निर्वाचित सीटों के लिए हो रहे चुनाव में अब तक दो चरण पूरे हो चुके हैं. उपलब्ध जानकारी के अनुसार PML-N ने 25 सीटें जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. तीसरे चरण में चार सीटों पर मतदान होना है, जबकि सात निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव टाल दिए गए हैं. PML-N और PPP के बीच भी राजनीतिक मुकाबला अहम बना हुआ है.
चुनावी बढ़त के बीच प्रदर्शनकारियों को देशभक्त बताना PML-N की रणनीति में बदलाव का संकेत माना जा रहा है. पार्टी अब विरोध को केवल सुरक्षा या कानून-व्यवस्था के नजरिए से देखने के बजाय बातचीत के जरिए समाधान तलाशने की बात कर रही है. यदि सरकार और JAAC के बीच संवाद आगे बढ़ता है, तो इससे PoK में लंबे समय से चले आ रहे तनाव को कम करने में मदद मिल सकती है.