नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक बड़े स्टील प्रोजेक्ट की घोषणा की. ट्रंप ने बताया कि भारतीय कंपनी एस्सार ग्रुप की अमेरिकी कंपनी मेसाबी मेटालिक्स अमेरिका के आयोवा में करीब 18 अरब डॉलर (लगभग ₹1.5 लाख करोड़) की लागत से एक बड़ा स्टील प्लांट बनाने की योजना पर काम करेगी. ट्रंप ने व्हाइट हाउस में मेसाबी मेटालिक्स के अधिकारियों के साथ इस प्रोजेक्ट की घोषणा की. उन्होंने इसे अमेरिका के इतिहास का सबसे बड़ा स्टील प्लांट बताया.
प्रस्तावित प्लांट की प्रोडक्शन क्षमता करीब 1 करोड़ टन स्टील प्रति वर्ष बताई गई है. इसके लिए जरूरी कच्चा माल यानी आयरन ओर कंपनी की मिनेसोटा स्थित नई खदान से लिया जाएगा. इस तरह खनन से लेकर स्टील बनाने तक की पूरी सप्लाई चेन अमेरिका में तैयार करने की योजना है.
ट्रंप ने कहा कि यह प्रोजेक्ट आधुनिक स्टील बनाने वाली तकनीक का इस्तेमाल करेगा और अगले करीब 10 वर्षों में इस पर निवेश किया जाएगा. प्लांट से बनने वाले स्टील का इस्तेमाल अमेरिका में करने के साथ-साथ दूसरे देशों में भी भेजा जा सकेगा.
इस परियोजना से अमेरिका में बड़ी संख्या में रोजगार पैदा होने की उम्मीद है. ट्रंप के अनुसार, निर्माण के दौरान करीब 6,000 लोगों को रोजगार मिल सकता है. प्लांट और माइनिंग ऑपरेशन शुरू होने के बाद लगभग 2,000 स्थायी नौकरियां बनने की बात कही गई है. अमेरिकी प्रशासन के अनुसार, इस प्रोजेक्ट से अमेरिकी अर्थव्यवस्था में करीब 95 अरब डॉलर का योगदान हो सकता है.
एस्सार ग्रुप भारत का एक बड़ा कारोबारी समूह है, जिसकी स्थापना शशि और रवि रुइया ने की थी. कंपनी का करीब पांच दशक का कारोबारी इतिहास है. एस्सार की भारत में हजीरा, गुजरात में 10 मिलियन टन क्षमता वाली बड़ी स्टील सुविधा रही है. कंपनी का विदेशों में भी ऊर्जा और स्टील से जुड़ा कारोबार है. बता दें कि मेसाबी मेटालिक्स, एस्सार ग्रुप की अमेरिकी कंपनी है. एस्सार वर्ष 2007 से मिनेसोटा में मौजूद है. कंपनी ने उस समय मिनेसोटा स्टील को खरीदा था.
अमेरिका में एस्सार का यह प्रस्तावित निवेश भारतीय कंपनियों की विदेशों में बढ़ती मौजूदगी को दिखाता है. साथ ही, यह प्रोजेक्ट अमेरिका में घरेलू स्टील उत्पादन और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने की कोशिश का हिस्सा है.