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आधे-अधूरे सीजफायर पर ही थिरकने लगे पाकिस्तानी, शहबाज-मुनीर को नोबेल देने की करने लगे मांग

अमेरिका-ईरान सीजफायर की घोषणा होते ही पाकिस्तान में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर के लिए नोबेल शांति पुरस्कार की मांग शुरू हो गई. पाकिस्तानी टीवी चैनलों पर इसे डिप्लोमैटिक जीत बताते हुए दोनों नेताओं को पुरस्कार का हकदार बताया जा रहा है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
आधे-अधूरे सीजफायर पर ही थिरकने लगे पाकिस्तानी, शहबाज-मुनीर को नोबेल देने की करने लगे मांग
Courtesy: grok

नई दिल्ली: ईरान पर अमेरिकी हमलों को 15 दिन के लिए रोकने के ऐलान के बाद पाकिस्तान में अचानक जश्न का माहौल बन गया है. पाकिस्तानी मीडिया और टीवी चैनलों पर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के लिए नोबेल शांति पुरस्कार की मांग जोर-शोर से की जा रही है. कुछ पैनलिस्ट तो यह कह रहे हैं कि दुनिया में शांति लाने वाले ये दोनों ही नेता सबसे योग्य हैं. ट्रंप ने खुद कहा था कि शरीफ और मुनीर की अपील पर उन्होंने सीजफायर स्वीकार किया है.

पाकिस्तानी मीडिया में नोबेल की मांग

पाकिस्तानी टीवी चैनल एआरवाई पर चल रही डिबेट में पैनलिस्टों ने सीजफायर को पाकिस्तान की बड़ी डिप्लोमैटिक जीत बताया. एक पैनलिस्ट ने कहा कि हमारे नेतृत्व ने जो कुछ किया, उसके बाद शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर नोबेल शांति पुरस्कार के सबसे उपयुक्त उम्मीदवार हैं. उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया में ये दो ही लोग ऐसे हैं जिन्हें यह पुरस्कार मिलना चाहिए. पैनलिस्ट ने दावा किया कि अब दुनिया के अन्य नेताओं को इन दोनों को नॉमिनेट करना चाहिए. पूरा कार्यक्रम शरीफ और मुनीर की प्रशंसा से भरा रहा.

ट्रंप का बयान और पाकिस्तान की भूमिका

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक दिन पहले कहा था कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर की अपील पर उन्होंने 15 दिन का सीजफायर स्वीकार किया है. ट्रंप ने यह भी बताया कि ईरान को बातचीत की मेज पर लाने में चीन की भी मदद रही है. पाकिस्तानी मीडिया इस बयान को पाकिस्तान की कूटनीतिक सफलता के रूप में पेश कर रहा है. कई कार्यक्रमों में इसे शहबाज-मुनीर की बड़ी उपलब्धि बताया जा रहा है, हालांकि सीजफायर अभी बहुत कमजोर माना जा रहा है.

सीजफायर पर मंडराती अनिश्चितता

सीजफायर कितना टिकाऊ होगा, इस पर अभी गहरी अनिश्चितता बनी हुई है. ट्रंप ने सीजफायर घोषित करने के अगले ही दिन कहा कि अमेरिकी सेनाएं पूरी तरह तैयार हैं. अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली बातचीत शुक्रवार को पाकिस्तान में होनी है, लेकिन इस पर भी सवाल उठ रहे हैं. पाकिस्तान में नोबेल पुरस्कार की मांग ऐसे समय में हो रही है जब युद्ध तो रुका है, लेकिन स्थायी शांति अभी बहुत दूर नजर आ रही है.

वास्तविकता बनाम पाकिस्तानी दावे

पाकिस्तानी चैनलों पर शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर को नोबेल शांति पुरस्कार देने की मांग तेज हो गई है. कुछ लोग तो यह कह रहे हैं कि ये दोनों ही नेता दुनिया में शांति लाने वाले एकमात्र उम्मीदवार हैं. लेकिन हकीकत यह है कि सीजफायर अभी आधा-अधूरा है और इसके भविष्य पर गहरे बादल छाए हुए हैं. ट्रंप खुद अमेरिका में इस फैसले को लेकर घिरे हुए हैं. पाकिस्तान की यह शेखी कई लोगों को अतिरंजित लग रही है क्योंकि सीजफायर अभी सिर्फ शुरुआती चरण में है.