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India Daily

Pakistan Floods: मॉनसून की बारिश से पाकिस्तान में मची तबाही, भूस्खलन और बाढ़ से 200 लोगों की मौत

वैज्ञानिकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन ने मौसम की घटनाओं को अधिक चरम और बार-बार होने वाला बना दिया है. पाकिस्तान जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के प्रति सबसे संवेदनशील देशों में से एक है.

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Edited By: Mayank Tiwari
Pakistan Floods: मॉनसून की बारिश से पाकिस्तान में मची तबाही, भूस्खलन और बाढ़ से 200 लोगों की मौत
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उत्तरी पाकिस्तान के सुदूर इलाकों में हो रही भारी मॉनसूनी बारिश ने भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ का खतरा पैदा कर दिया है, जिसके बाद से ही पिछले 24 घंटों में कम से कम 194 लोगों की मौत हो गई है. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के अनुसार, सबसे ज्यादा प्रभावित खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में 180 लोगों की जान गई. इसके अलावा, पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में नौ और गिलगित-बाल्टिस्तान में पांच लोगों की मौत दर्ज की गई है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक,  क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि कश्मीर में सात और लोगों की जान गई. मगर, खैबर पख्तूनख्वा में आपदा की स्थिति गंभीर बनी हुई है. प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (PDMA) के प्रवक्ता अनवर शहजाद ने एएफपी को बताया, "अब तक खैबर पख्तूनख्वा में बादल फटने, अचानक बाढ़ और छत ढहने से 110 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है." उन्होंने बताया कि 60 लोग घायल भी हुए हैं. वहीं, बुनर, बाजौर, मनसेहरा और बट्टाग्राम को आपदा प्रभावित जिले घोषित किया गया है.

मौसम विभाग ने बारिश को लेकर जारी किया अलर्ट

पाकिस्तान के मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिसमें लोगों से "अनावश्यक रूप से जोखिम भरे क्षेत्रों में जाने से बचने" की सलाह दी गई है. वहीं, दूसरी ओर, भारतीय प्रशासित कश्मीर में शुक्रवार को बचावकर्मियों ने एक हिमालयी गांव में बाढ़ और मलबे से 60 शव निकाले, जहां दर्जनों लोग बह गए.

जानें मॉनसून और जलवायु परिवर्तन का कैसा है प्रभाव!

मॉनसून दक्षिण एशिया के लिए लगभग तीन-चौथाई सालाना बारिश लाता है, जो कृषि और खाद्य सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन यह तबाही भी अपने साथ में लाता है. भूस्खलन और बाढ़ इस मौसम में आम हैं, जो जून से सितंबर तक चलता है. ऐसे में वैज्ञानिकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन ने मौसम की घटनाओं को अधिक चरम और बार-बार होने वाला बना दिया है. पाकिस्तान जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के प्रति सबसे संवेदनशील देशों में से एक है. इस गर्मी के मॉनसून की शुरुआत से अब तक 320 से अधिक लोग मारे गए हैं, जिनमें लगभग आधे बच्चे हैं. अधिकांश मौतें घर ढहने, बाढ़ और बिजली के झटके लगने से हुईं.

पंजाब में रिकॉर्ड तोड़ बारिश हुई दर्ज

बीते जुलाई के महीने में, पाकिस्तान की 25.5 करोड़ आबादी के लगभग आधे हिस्से में पिछले साल की तुलना में 73% अधिक बारिश दर्ज की गई, जिसके परिणामस्वरूप पिछले पूरे मॉनसून की तुलना में अधिक मौतें हुईं. वहीं, साल 2022 में, मॉनसूनी बाढ़ ने देश के एक तिहाई हिस्से को डुबो दिया था और 1,700 लोगों की जान ले ली थी.