इस्तांबुल में अफगान तालिबान और पाकिस्तानी अधिकारियों के बीच शांति वार्ता चल रही थी, लेकिन इसी बीच सीमा पर गोलाबारी ने हालात फिर बिगाड़ दिए. अफगान सेना ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान ने संघर्षविराम समझौते का उल्लंघन करते हुए नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाया.
पिछले महीने हुई खूनी झड़पों के बाद दोनों देशों के बीच यह तीसरा बड़ा तनाव है. इस घटना से स्पष्ट हो गया है कि कि दोनों देशों के बीच शांति बहाल करने की कोशिशें अभी भी कमजोर पड़ रही हैं.
अफगान सैन्य सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ने गुरुवार देर रात अफगान सीमा पर गोलाबारी की. सूत्रों ने बताया “उन्होंने हल्के और भारी हथियारों से नागरिक इलाकों को निशाना बनाया.” जानकारी के अनुसार अफगान ने अभी तक जवाबी कार्रवाई नहीं की है, क्योंकि वार्ता इस्तांबुल में जारी है. दोनों देशों के बीच यह संघर्ष ऐसे समय पर हुआ जब सीमा पर निगरानी व्यवस्था को लेकर सहमति बनी थी.
Video from Spin Boldak, #Afghanistan, as #Pakistani soldiers open fire on Afghan civilians and civilians flee their attacks. Pakistani attacks continue despite ceasefire. pic.twitter.com/63jUfuZE2n
— Afghanistan Today (@RuleTaliban) November 6, 2025
इस्तांबुल में अफगान तालिबान और पाकिस्तानी प्रतिनिधियों के बीच चल रही बैठक का मकसद सीमा विवाद को सुलझाना था. तुर्की के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि दोनों पक्षों ने युद्धविराम जारी रखने और उल्लंघन की स्थिति में दंडात्मक कार्रवाई की व्यवस्था पर सहमति दी थी. लेकिन पाकिस्तान की ओर से गोलीबारी ने इस समझौते पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
11 से 15 अक्टूबर के बीच हुई झड़पों के बाद दोनों देशों के रिश्ते बेहद खराब हो गए थे. उस दौरान पाकिस्तान ने अफगान क्षेत्र में हवाई हमले किए थे, जिसका तालिबान ने कड़ा विरोध किया था. अब जब बातचीत की प्रक्रिया शुरू हुई थी, पाकिस्तान की यह कार्रवाई पुराने घावों को फिर हरा कर रही है. स्थिति ने दोनों पड़ोसियों के बीच भरोसे की कमी को और गहरा कर दिया है.
एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने हाल ही में अमेरिका के साथ अपने क्षेत्र में ड्रोन उपयोग की अनुमति स्वीकार की थी. यह खुलासा पिछली तुर्की बैठक के दौरान हुआ था. इस वजह से अफगान पक्ष पहले ही पाकिस्तान पर शक जता चुका था. अब गोलाबारी की यह घटना उस अविश्वास को और बढ़ा रही है, जिससे शांति प्रयासों पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है.
वहीं तालिबान सरकार ने अपनी चेतावनी दोहराते हुए कहा है कि वह अपने क्षेत्र का इस्तेमाल किसी भी देश के खिलाफ नहीं होने देगी, लेकिन पाकिस्तान को भी अपनी सीमाओं का सम्मान करना चाहिए. काबुल ने चेतावनी दी है कि अगर ऐसे हमले जारी रहे, तो अफगानिस्तान “मजबूर होकर जवाब देगा.” दोनों देशों के बीच इस टकराव से पूरे क्षेत्र की स्थिरता पर असर पड़ सकता है.