मुंबई: चार धाम यात्रा से पहले एक बड़ा फैसला सामने आया है, जिसने देशभर में चर्चा छेड़ दी है. बद्री केदार मंदिर समिति यानी BKTC ने नया नियम लागू करते हुए कहा है कि अब गैर सनातन धर्म से जुड़े श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश से पहले अपनी आस्था साबित करनी होगी. इस फैसले के बीच बॉलीवुड एक्ट्रेस सारा अली खान का नाम भी खास तौर पर चर्चा में आ गया है.
BKTC के चेयरमैन हेमंत द्विवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि जो लोग सनातन धर्म से नहीं हैं लेकिन मंदिर में दर्शन करना चाहते हैं, उन्हें एक हलफनामा देना होगा. इस हलफनामे में उन्हें यह लिखित रूप से स्वीकार करना होगा कि उनकी सनातन धर्म में आस्था है. इसके बाद ही उन्हें मंदिर परिसर में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी. यह प्रस्ताव 10 मार्च को सर्वसम्मति से पारित किया गया और अब इसे उत्तराखंड सरकार के पास भी भेजा गया है.
जब इस नियम को लेकर सवाल पूछा गया तो सारा अली खान का उदाहरण सामने आया. समिति के अनुसार, अगर सारा यह साबित करती हैं कि उन्हें सनातन धर्म में विश्वास है और वह इसके लिए हलफनामा देती हैं, तो उन्हें दर्शन की अनुमति मिल सकती है. सारा अली खान, अमृता सिंह और सैफ अली खान की बेटी हैं. उनका धार्मिक बैकग्राउंड मिश्रित है, जिसके कारण यह मुद्दा और ज्यादा चर्चा में आ गया है.
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यह फैसला ऐसे समय पर आया है जब चार धाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही है. चार धाम यात्रा के लिए अब तक लाखों श्रद्धालु पंजीकरण करवा चुके हैं. बद्रीनाथ धाम 23 अप्रैल से और केदारनाथ धाम 22 अप्रैल से श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे.
यह पहली बार नहीं है जब किसी मंदिर में प्रवेश को लेकर सख्त नियम बनाए गए हों. पुरी के जगन्नाथ मंदिर में केवल हिंदुओं को ही प्रवेश की अनुमति है. वहीं तिरुपति मंदिर में भी कुछ मामलों में श्रद्धालुओं को अपनी आस्था का प्रमाण देना पड़ता है. हाल ही में आंध्र प्रदेश के नेता पवन कल्याण की बेटी को भी तिरुपति में दर्शन के लिए घोषणा पत्र देना पड़ा था.
सारा अली खान पहले भी कई बार केदारनाथ और बद्रीनाथ के दर्शन कर चुकी हैं. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि केदारनाथ उनके लिए सिर्फ एक धार्मिक स्थान नहीं बल्कि एक भावनात्मक अनुभव है. उनके अनुसार वहां जाने से उन्हें शांति और सुकून मिलता है.