नई दिल्ली: अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने शनिवार को सीरिया में ISIS के खिलाफ व्यापक हवाई हमले किए. इन हमलों को 'Operation Hawkeye Strike' के तहत अंजाम दिया गया. यह अभियान पामायरा में 13 दिसंबर को अमेरिकी और सीरियाई बलों पर हुए घातक हमले के प्रतिकार में शुरू किया गया था. अमेरिकी सेना ने बताया कि इस हमले में अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई थी. हमलों का उद्देश्य आतंकियों को समाप्त करना और क्षेत्र में अमेरिकी और सहयोगी बलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.
अमेरिकी सेनाओं के अनुसार, Operation Hawkeye Strike का मुख्य उद्देश्य ISIS के आतंकवादी नेटवर्क को कमजोर करना और भविष्य में संभावित हमलों को रोकना है. इस अभियान के तहत सैकड़ों लक्ष्य चिन्हित किए गए थे, जिनमें हथियार भंडार, कमांड सेंटर और आतंकवादी शिविर शामिल हैं. अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी और सहयोगी सैनिकों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए जरूरी थी.
CENTCOM ने बताया कि शनिवार को अमेरिका और उसके सहयोगी बलों ने पामायरा के आसपास कई ISIS ठिकानों पर हमले किए. वीडियो फुटेज में लड़ाकू विमान हवाई क्षेत्र में उड़ान भरते दिखाए गए. हमलों में करीब 70 ISIS ठिकानों को निशाना बनाया गया. ब्रिटिश और फ्रेंच जेट्स ने भी ISIS के हथियार भंडारों पर बमबारी की.
यहां देखें वीडियो
US launches large-scale strikes on ISIS targets in Syria: military https://t.co/i6SsFEeXVm pic.twitter.com/7HHzRMr8gU
— New York Post (@nypost) January 10, 2026
इससे पहले 13 दिसंबर को पामायरा में हुए हमले में दो अमेरिकी सैनिक और एक अमेरिकी नागरिक अनुवादक की मौत हुई थी. यह घटना लंबे समय में अमेरिका के लिए सीरिया में पहला घातक हमला थी. अमेरिकी सेना ने इस हमले के तुरंत बाद Operation Hawkeye Strike शुरू किया था. अभियान का उद्देश्य आतंकियों को हराना और भविष्य में हमलों को रोकना है.
हमले से एक दिन पहले, सीरियाई अधिकारियों ने ISIS के लेवेंट ऑपरेशन्स के सैन्य नेता को गिरफ्तार किया. अमेरिका लगातार अपने सैनिकों की संख्या बढ़ा रहा है और सीरिया में लंबे समय से ISIS का मुकाबला कर रहा है. अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि यदि कोई अमेरिकी या सहयोगी सैनिक खतरे में होगा, तो जवाब देने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी.
अमेरिका और उसके सहयोगियों ने स्पष्ट किया है कि ISIS के खिलाफ अभियान जारी रहेगा. Operation Hawkeye Strike के अगले चरण में और ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा. अमेरिकी और जॉर्डनियन बल पहले ही पिछले महीने इस अभियान के तहत हवाई हमले कर चुके हैं. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि आतंकियों को किसी भी कीमत पर क्षेत्र में बढ़ावा नहीं दिया जाएगा और अमेरिकी बल पूरी सतर्कता के साथ मिशन को आगे बढ़ा रहे हैं.