नई दिल्ली: ईरान में पिछले कुछ समय विरोध-प्रशासन जारी है. देश के लोग बढ़ती महंगाई के खिलाफ सड़क पर उतरे हैं और वहां सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई को हटाने की मांग कर रहे हैं. इसी बीच खबरें यह भी है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर हमले की तैयारी कर रहे हैं.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वाशिंगटन में अधिकारी ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमलों की संभावना पर विचार-विमर्श कर रहे हैं. राष्ट्रपति ट्रंप ने कुछ दिनों पहले ईरानी प्रशासन को सख्त चेतावनी दी थी कि अपने हक की आवाज उठाने वालों के खिलाफ कार्रवाई बंद करें. साथ ही उन्होंने खुद को प्रदर्शनकारियों के साथ बताया था.
ट्रंप प्रशासन के अधिकारी ईरान के विभिन्न सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की योजनाओं पर मंथन कर रहे हैं. इनमें बड़े स्तर के हवाई हमलों का विकल्प प्रमुख है, जो इस्लामिक रिपब्लिक के खिलाफ ट्रंप की धमकियों को अमली जामा पहनाने का माध्यम बन सकता है.
राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया कि ईरान अभूतपूर्व तरीके से आजादी की दिशा में बढ़ रहा है और अमेरिका मदद के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने लिखा कि ईरान आजादी की ओर देख रहा है, शायद पहले कभी नहीं देखा होगा. USA मदद के लिए तैयार है!!! इससे पहले शुक्रवार को ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान को गोलीबारी शुरू नहीं करनी चाहिए, वरना अमेरिका भी जवाबी कार्रवाई करेगा.
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिकी चेतावनियों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने ट्रंप पर ईरानियों के खून से हाथ रंगने का आरोप लगाते हुए कहा कि अमेरिका को अपने घरेलू मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए. खामेनेई ने शुक्रवार को समर्थकों की सभा में कहा कि आतंकवादी अपनी ही सड़कों को तबाह कर रहे हैं ताकि अमेरिकी राष्ट्रपति को खुश किया जा सके, जो उनकी मदद की बात कर रहे हैं.
ईरान सरकार ने विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए अपनी कार्रवाई तेज कर दी है, जिसमें प्रदर्शनकारियों को सहायता देने वालों को 'भगवान का दुश्मन' घोषित कर मौत की सजा देने की धमकी दी गई है. अमेरिका का ईरान के खिलाफ सैन्य इतिहास पुराना है. इसी वर्ष जून में, अमेरिकी सेना ने ईरान के तीन प्रमुख ठिकानों पर कम से कम छह 'बंकर बस्टर' बम गिराए थे.