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India Daily

'सारे सिस्टम फेल, खून की उल्टियां और ...', अमेरिका ने वेनेजुएला पर 'मिस्ट्री वेपन' से किया था हमला?

अमेरिका ने कुछ दिनों पहले वनेजुएला के खिलाफ ऑपरेशन 'एब्सोल्यूट रिजॉल्व' चलाकर वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार किया था. अब एक गार्ड ने दावा किया है कि अमेरिका ने इस दौरान मिस्ट्री वेपन का इस्तेमाल किया था.

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Edited By: Shanu Sharma
'सारे सिस्टम फेल, खून की उल्टियां और ...', अमेरिका ने वेनेजुएला पर 'मिस्ट्री वेपन' से किया था हमला?
Courtesy: X (@uluser)

नई दिल्ली: वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के लिए अमेरिका द्वारा 3 जनवरी को सैन्य अभियान चलाया गया. इस अभियान को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी बहस शुरू हो गई. ऑपरेशन 'एब्सोल्यूट रिजॉल्व' के दौरान एक वेनेजुएला सुरक्षा गार्ड के चश्मदीद द्वारा दिए गए बयान ने नई चर्चा शुरू कर दी है. उन्होंने अज्ञात और अत्याधुनिक हथियार के इस्तेमाल का गंभीर आरोप लगाया गया है.

अमेरिकी विशेष बलों ने 3 जनवरी को काराकस में मादुरो के आवास पर छापा मारा. इस अभियान में ड्रोन, हेलीकॉप्टर और लगभग 20 अमेरिकी सैनिक शामिल थे. मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स को हिरासत में लेकर अमेरिका ले जाया गया, जहां उन्हें न्यूयॉर्क में ड्रग तस्करी और नार्को-टेररिज्म से जुड़े आरोपों में पेश किया गया. 

गवाह का 'रहस्यमयी हथियार' का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे ड्रग तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता बताया, जबकि वेनेजुएला के गृह मंत्रालय ने दावा किया कि इस दौरान लगभग 100 सुरक्षाकर्मी मारे गए. अमेरिकी पक्ष ने किसी भी अमेरिकी सैनिक की मौत से इनकार किया है.

न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, एक वेनेजुएला सुरक्षा गार्ड ने छापे के दौरान घटना का विस्तार से ब्यौरा दिया. गार्ड के मुताबिक, हमले से ठीक पहले वेनेजुएला सेना के सभी रडार और संचार सिस्टम अचानक फेल हो गए. इसके बाद आसमान में ड्रोन नजर आए, फिर हेलीकॉप्टरों से अमेरिकी सैनिक उतरे.

गार्ड ने बताया कि हमारी सेना संख्या में बहुत ज्यादा थी, लेकिन अमेरिकी सैनिकों ने एक अनजान हथियार का इस्तेमाल किया, जो तेज आवाज की लहर जैसा लगा. उन्होंने कहा कि मेरे सिर में ऐसा महसूस हुआ जैसे वह अंदर से फट रहा हो. सैनिकों की नाक से खून बहने लगा, उल्टी होने लगी और वे जमीन पर गिर पड़े, हिल भी नहीं पा रहे थे. गार्ड ने कहा कि अमेरिकी सेना को टेक्नोलॉजी में बहुत आगे बताया और कहा कि अमेरिकी पक्ष को कोई नुकसान नहीं हुआ, जबकि वेनेजुएला पक्ष को भारी क्षति उठानी पड़ी.

डायरेक्टेड एनर्जी हथियार की संभावना

पूर्व अमेरिकी खुफिया सूत्रों ने न्यूयॉर्क पोस्ट को बताया कि वर्णित लक्षण डायरेक्टेड एनर्जी हथियारों (Directed Energy Weapons) से मेल खाते हैं. ऐसे हथियार फोकस्ड माइक्रोवेव या अन्य ऊर्जा का इस्तेमाल करते हैं, जिससे खून बहना, भ्रम, दर्द और शारीरिक कमजोरी हो सकती है.

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी तकनीक दशकों से विकास के दौर में है, लेकिन इसका युद्धक्षेत्र में इस्तेमाल अभी तक आधिकारिक रूप से साबित नहीं हुआ है. व्हाइट हाउस ने ऑपरेशन की तकनीकी जानकारी पर चुप्पी साध रखी है. व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी ने सोशल मीडिया पर इस गवाह के बयान को शेयर किया, लेकिन किसी भी एडवांस्ड हथियार के इस्तेमाल की पुष्टि नहीं की. अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अभियान मुख्य रूप से मादुरो को गिरफ्तार करने के लिए था, जो ड्रग्स और हथियारों से जुड़े आरोपों का सामना कर रहे हैं.