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India Daily

100 शहरों में धुआं-धुआं, अस्पतालों में लाशों का ढेर! ईरान में खामेनेई के खिलाफ प्रदर्शन हुए बेकाबू

ईरान में दो हफ्ते से विरोध प्रदर्शन जारी हैं. 100 से अधिक शहरों में हजारों लोग सड़कों पर हैं. कई की मौत हो चुकी है और हजारों हिरासत में हैं. इंटरनेट बंद होने से स्थिति गंभीर बनी हुई है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
100 शहरों में धुआं-धुआं, अस्पतालों में लाशों का ढेर! ईरान में खामेनेई के खिलाफ प्रदर्शन हुए बेकाबू
Courtesy: social media

नई दिल्ली: ईरान में 28 दिसंबर से विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे, जो अब दो सप्ताह से चल रहे हैं. प्रदर्शनकारी गिरती करेंसी और खराब आर्थिक हालात के विरोध में सड़कों पर हैं. सरकारी टीवी और अधिकारियों द्वारा स्थिति नियंत्रण में दिखाने की कोशिश के बावजूद मौतें और गिरफ्तारी बढ़ रही हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और सुप्रीम लीडर खामेनेई के बीच बयानबाजी भी देखने को मिल रही है. देशभर के 100 से अधिक शहरों में प्रदर्शन जारी हैं.

प्रदर्शन की शुरुआत और बढ़ता आंदोलन

तेहरान के बाजार से शुरू हुए विरोध अब ईरान के लगभग सभी 31 प्रांतों में फैल चुके हैं. पहले दिन दुकानदारों ने आर्थिक स्थिति के विरोध में सड़कों पर उतरकर सरकार और सुप्रीम लीडर खामेनेई के खिलाफ नारे लगाए. प्रदर्शन धीरे-धीरे बड़े पैमाने पर फैलते गए और अब 100 से अधिक शहरों में लोग सड़कों पर हैं, जबकि सरकारी अधिकारियों ने इंटरनेट और फोन लाइनें बंद कर दी हैं.

मौत और हिरासत की संख्या

मानवाधिकार समूहों के अनुसार, इन दो हफ्तों में कम से कम 72 लोगों की मौत हो चुकी है और 2,300 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है. सरकारी टीवी का दावा है कि हालात नियंत्रण में हैं. प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच टकराव के वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए गए हैं, जो वास्तविकता और सरकारी रिपोर्ट में अंतर दिखाते हैं.

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं और धमकियां

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि प्रदर्शनकारियों को नुकसान पहुंचाया गया तो अमेरिका हस्तक्षेप करेगा. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया. इसके जवाब में सुप्रीम लीडर खामेनेई ने कड़े कदम उठाने का संकेत दिया और ट्रंप को ईरान के मामलों में दखल न देने की सलाह दी.

सरकारी नियंत्रण और मीडिया की भूमिका

ईरानी सरकारी टीवी प्रदर्शनकारी गतिविधियों को दंगाई और आतंकवादी के रूप में दिखा रहा है. सरकार समर्थक कार्यक्रम और संगीत बजाकर देश में नियंत्रण की झूठी तस्वीर पेश कर रही है. इंटरनेट और फोन लाइन बंद होने के कारण वास्तविक हालात की जानकारी जुटाना मुश्किल है, जिससे लोगों को डर और अफवाहें फैल रही हैं.

आर्थिक कारण और प्रदर्शन का भविष्य

ईरान में करेंसी गिरावट और बढ़ती महंगाई मुख्य कारण हैं. प्रदर्शनकारी पुरानी राजशाही के प्रतीकों और नारे के जरिए सरकार और मौजूदा नेतृत्व के खिलाफ विरोध जता रहे हैं. इंटरनेट की बंदी और कड़ी सुरक्षा के बावजूद विरोध जारी है. विशेषज्ञ मानते हैं कि देश में गंभीर आर्थिक और राजनीतिक असंतोष लंबे समय तक प्रदर्शन को बनाए रख सकता है.