Water in Moon: भारतीय और अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों के एक अध्ययन में इस बात की संभावना जताई है कि चांद की धरती पर बर्फ मौजूद है. यानी चांद की सतह पर जो पानी है उससे कहीं अधिक बर्फ चांद की सतह के नीचे हैं.
इस अध्ययन के बारे में इसरो की ओर से कहा गया कि ISPRS जर्नल ऑफ फोटोग्रामेट्री एंड रिमोट सेंसिंग में प्रकाशित शोध से पता चलता है कि चांद के ध्रुवी सतह के कुछ मीटर नीचे बर्फ की मात्रा सतह की तुलना में 5 से 8 गुना अधिक है.
यानी चंद्रमा के सतह के नीचे दबी हुई बर्फ लंबे समय तक मानव उपस्थिति को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है.
इसरो स्पेस एप्लीकेशन सेंटर के टी चक्रवर्ती ने कहा कि चांद के बारे में पता चले इस रहस्य से भविष्य में किसी मिशन को लैंड कराने में मदद मिलेगी. यानी लैंडिंग के लिए चुनी जाने वाली जगह का चुनाव करना आसान हो जाएगा.
नासा के Lunar Reconnaissance Orbiter की मदद से डाटा डाटा एकत्रित कर उनका अध्ययन किया गया. और इसकी मदद से वैज्ञानिक इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि चांद की उत्तरी ध्रुवीय क्षेत्र में दक्षिणी ध्रुवों की तुलना में लगभग दोगुनी बर्फ है. इस अध्ययन में पता चली जानकारी से हर उस देश को मदद मिलेगी जो चांद पर लैंड करना चाहता है.
चंद्रयान 2 के मदद से एकत्र किए गए डाटा से नए अध्ययन के निष्कर्ष तक पहुंचा जा सका है. चंद्रयान 2 के रडार डाटा का इस्तेमाल किया गया था. इसरो की ओर से कहा गया कि नया अध्ययन भविष्य के प्लान को एक्जिक्यूट करने में मदद करेगी.