नई दिल्ली: नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौट रहे भारतीय श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ा दी है. ईशा फाउंडेशन के 77 सदस्य लापता बताए जा रहे हैं. ये सभी कैलाश मानसरोवर यात्रा पूरी करने के बाद काठमांडू लौटने की तैयारी में थे. बताया गया कि समूह नेपाल के एक आव्रजन केंद्र पर मौजूद था, जहां अचानक संपर्क टूट गया. बाढ़ और संचार व्यवस्था प्रभावित होने से परिजनों को उनकी स्थिति की जानकारी नहीं मिल सकी है.
ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु ने एक्स हैंडल पर ये जानकारी दी है. उन्होनें लिखा कि लापता लोगों में तीर्थयात्री और स्वयंसेवक शामिल हैं. समूह ने कैलाश मानसरोवर की यात्रा पूरी कर ली थी और वापसी की तैयारी कर रहा था. इसी दौरान नेपाल में अचानक आई बाढ़ ने हालात बिगाड़ दिए. संस्था के अनुसार, 77 सदस्य एक आव्रजन केंद्र पर मौजूद थे. समूह के प्रमुख से सुबह बातचीत भी हुई थी, लेकिन कुछ ही देर बाद उनका संपर्क टूट गया. इसके बाद दोबारा फोन करने पर किसी सदस्य से बात नहीं हो सकी.
A terrible and tragic flash flood has taken place at Gyirong in Tibet - China, and one of our Kailash groups was caught in it. While on their way back, they were at the immigration office when the flood occurred and the building and much of the town seems to have been flooded.… pic.twitter.com/CqOBxsPlWo
— Sadhguru (@SadhguruJV) August 26, 2026
संस्था की ओर से बताया गया कि दल के एक सदस्य ने समूह प्रमुख प्रवीण से सुबह करीब नौ बजे बातचीत की थी. उस समय सब कुछ सामान्य था. कुछ मिनट बाद दोबारा संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन फोन नहीं लगा.
नेपाल में आई बाढ़ के बाद 130 से अधिक भारतीयों के लापता होने की जानकारी सामने आई है. इनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए श्रद्धालु भी शामिल हैं. कुछ भारतीय अलग अलग स्थानों पर फंसे हुए बताए जा रहे हैं. कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में भारतीय नेपाल के रास्ते से आवाजाही करते हैं. ऐसे में अचानक आई बाढ़ और रास्तों में पैदा हुई बाधाओं ने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है. राहत दल प्रभावित क्षेत्रों में जानकारी जुटाने में लगे हैं.
तमिलनाडु के अधिकारियों के मुताबिक राज्य से नेपाल गए 57 यात्रियों में से 37 का अभी पता नहीं चल पाया है. इनमें तंजावुर के रहने वाले लोगों की संख्या भी बताई गई है. वहीं 20 यात्रियों के सुरक्षित होने की जानकारी सामने आई है. उत्तर प्रदेश और केरल समेत कई राज्यों ने भी अपने नागरिकों की जानकारी जुटाने के लिए सहायता केंद्र शुरू किए हैं. परिवार लगातार अपने लोगों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं.
ईशा फाउंडेशन के अनुसार, इस वर्ष कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए उसके कई समूह नेपाल और तिब्बत क्षेत्र में गए हैं. लापता दल ने अपनी तीर्थयात्रा पूरी कर ली थी. इसके बाद तिब्बती आव्रजन प्रक्रिया पूरी करके सदस्य नेपाल के आव्रजन केंद्र पहुंचे थे. वापसी के दौरान ही अचानक बाढ़ की स्थिति पैदा हुई. फिलहाल परिवारों को आधिकारिक सूचना का इंतजार है. प्रशासन और संबंधित संस्थाएं लापता भारतीयों की स्थिति का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं.
नेपाल में फंसे भारतीयों के परिजनों से संबंधित राज्यों और अधिकारियों से संपर्क करने की अपील की गई है. केरल की ओर से भी सहायता के लिए संपर्क नंबर जारी किए गए हैं.
फिलहाल सबसे बड़ी चिंता लापता 77 सदस्यों की सुरक्षित वापसी को लेकर है. बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में संपर्क व्यवस्था सामान्य होने के बाद ही उनकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी. परिवारों को प्रशासन की ओर से मिलने वाली आधिकारिक जानकारी का इंतजार है.