नेपाल में बुधवार को अचानक आई बाढ़ ने भीषण तबाही मचाई है. 160 से ज्यादा लोगों की जान चली गई, साथ ही करोड़ों का नुकसान हुआ. अब नेपाल के पत्रकारों के एक ग्रुप ने इसके पीछे चीन को जिम्मेदार ठहराया है. उनका कहना है कि अगर चीन इस खतरे की सूचना पहले दी होता तो शायद इतनी तबाही नहीं मचती.
नेपाल के इन आरोपों पर चीन के राजदूत झांग माओमिंग ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए इस आपदा पर दुख जताया. साथ ही उन्होंने बताया कि इस त्रासदी में नेपाल ही नहीं चीन में भी भारी तबाही हुई है.
झांग ने मृतकों के परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि वह इस मुश्किल समय में नेपाल के साथ खड़े हैं. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस बाढ़ से जितना नेपाल को नुकसान पहुंचा है उतना ही चीन में भी तबाही मची है. इसके बाद भी बीजिंग लगातार नेपाल के लिए आपतकालीन राहत सामग्री का इंतजाम करने में जुटा है.
झांग ने आगे यह भी कहा कि नेपाल को आगे भी हर संभव मदद पहुंचाने की पूरी कोशिश की जाएगी. साथ ही उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि दोनों देश जल्द ही इस मुश्किल दौर से निकल जाएंगे. हालांकि उन्होंने नेपाली पत्रकारों द्वारा लगाए गए आरोपों का सीधा कोई जवाब नहीं दिया. इस मुद्दे को लेकर अब कूटनीतिक बहस तेज हो गई है.
Never seen boulders this massive being moved by the sheer force of water. Such boulders can sometimes change the flow of water or protect structures by taking impact, but this time they are nothing in front of the sheer force of the flood Death toll 160 and 750+ missing
— Nikhil saini (@iNikhilsaini) August 27, 2026
#Nepal pic.twitter.com/6YP2I2w0Aj
नेपाल में आई तबाही में भारी नुकसान पहुंचा है. सैकड़ों लोगों की जान चली गई जबकि 750 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं. इसके अलावा नेपाल में कई पुल और हाइड्रो प्लांट भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए. तीन दशक बाद आए इस भीषण बाढ़ में नेपाल को हजारों करोड़ का नुकसान हुआ है. हालांकि चीन की ओर से भी यह दावा किया जा रहा है कि उनके भी इंफ्रास्ट्रक्चर को काफी नुकसान पहुंचे हैं. साथ ही वहां भी सैकड़ों लोग लापता हो गए हैं. दोनों देश में राहत कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं.