menu-icon
India Daily

अमेरिका के इन 11 वैज्ञानिक को धरती निगल गई या आसमान? ट्रंप लाएंगे सच को बाहर! जांच तेज

अमेरिका में वैज्ञानिक एमी एस्क्रिज़ समेत 11 वैज्ञानिकों की रहस्यमयी मौत और गायब होने के मामले ने सुर्खियां बटोर ली हैं. 2022 में हुई एमी की मौत के साथ हाल के 10 अन्य मामले सामने आए हैं.

reepu
Edited By: Reepu Kumari
अमेरिका के इन 11 वैज्ञानिक को धरती निगल गई या आसमान? ट्रंप लाएंगे सच को बाहर! जांच तेज
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: अमेरिका में वैज्ञानिकों की मौत और गायब होने की घटनाएं इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई हैं. हंट्सविले, अलबामा की शोधकर्ता एमी एस्क्रिज की 2022 में हुई मौत का मामला फिर ताजा हो गया है. उनका नाम अब उन 11 वैज्ञानिकों की सूची में शामिल हो गया है जिनकी मौत या गायब होना रहस्य बना हुआ है. 

ये सभी मामले अमेरिकी सेना, परमाणु और अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़े हैं, जिससे लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या यह महज इत्तेफाक है या कोई बड़ी साजिश. राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने खुद इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है और जांच एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए हैं.

ट्रंप का बयान

राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने इस पूरे मामले पर उच्च स्तरीय बैठक की है. ट्रंप ने चेतावनी दी है कि जल्द ही सच सामने आ सकता है. उन्होंने कहा, 'मैं उम्मीद करता हूं कि यह सिर्फ इत्तेफाक है, लेकिन अगले डेढ़ हफ्ते में सच्चाई सामने आ जाएगी.'  

व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने शुक्रवार को कहा कि सरकार इस जांच में कोई कसर नहीं छोड़ेगी. हर पहलूओं की जांच की जा रही है. एफबीआई और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर सभी मामलों की गहराई से समीक्षा की जा रही है. उम्मीद है जल्द से जल्द नतीजा सामने होगा. 

क्या है पूरा मामला

एमी एस्क्रिज की मौत के अलावा हाल के महीनों में कम से कम 10 अन्य वैज्ञानिकों की मौत या गायब होने की घटनाएं सामने आई हैं. ये सभी मामले संवेदनशील रक्षा और अंतरिक्ष परियोजनाओं से जुड़े हैं, जिससे साजिश की आशंका बढ़ गई है. शक है कि इसके पीछे जरुर कुछ ना कुछ छुपाया जा रहा है. 

जांच की दिशा

सरकार का मकसद यह पता लगाना है कि क्या इन घटनाओं के बीच कोई संबंध है. व्हाइट हाउस ने आश्वासन दिया है कि जैसे ही कोई ठोस जानकारी मिलेगी, उसे जनता के साथ साझा किया जाएगा. 

लोगों की प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर यह मुद्दा तेजी से वायरल हो रहा है. लोग अब सरकार से पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं ताकि वैज्ञानिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.