नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच एक नई कूटनीतिक पहल की खबर सामने आई है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दोनों देशों के बीच दूसरे दौर की बातचीत सोमवार को पाकिस्तान में हो सकती है. हालांकि अभी तक दोनों देशों ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है लेकिन संकेत मिल रहे हैं कि यह बैठक अहम हो सकती है.
रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधिमंडल वीकेंड के दौरान पाकिस्तान पहुंचेंगे और सोमवार से बातचीत शुरू होगी. इससे पहले पहला दौर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हुआ था, जो करीब 21 घंटे तक चला लेकिन किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सका.
इस पूरे मामले में डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि ईरान बातचीत में लगभग हर बात पर सहमत हो गया है. ट्रंप के अनुसार इसमें ईरान के समृद्ध यूरेनियम भंडार को हटाकर अमेरिका लाने की बात भी शामिल है. हालांकि इस दावे को ईरान ने खारिज कर दिया है.
इस्लामाबाद में हुई पिछली वार्ता के दौरान अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जे.डी. वेंस कर रहे थे. उन्होंने कहा कि बातचीत इसलिए विफल रही क्योंकि ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका की शर्तें मानने से इनकार कर दिया. वहीं ईरान का कहना है कि अमेरिका की मांगें अव्यवहारिक थीं.
अमेरिका और इजराइल लंबे समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम का विरोध करते रहे हैं. उनका मानना है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की दिशा में बढ़ रहा है, जबकि ईरान लगातार कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल नागरिक उपयोग के लिए है.
तनाव उस समय और बढ़ गया जब ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नाकाबंदी की घोषणा की. ईरान ने इसे हाल ही में हुए सीजफायर समझौते का उल्लंघन बताया और चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने अपने वादों का पालन नहीं किया तो वह जवाबी कार्रवाई करेगा.
अब सभी की नजरें सोमवार को होने वाली संभावित बातचीत पर टिकी हैं. अगर यह बैठक सफल होती है तो दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद को सुलझाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम साबित हो सकता है.