मध्य पूर्व से एक बड़ी और राहत देने वाली खबर आई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता के बाद इजरायल और लेबनान दस दिन के युद्धविराम के लिए पूरी तरह सहमत हो गए हैं.
इस शांति समझौते का सीधा असर खाड़ी क्षेत्र में साफ दिखाई दे रहा है. लेबनान में सीजफायर लागू होने की शर्त पूरी होते ही ईरान ने सभी व्यापारिक जहाजों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत प्रभाव से खोल दिया है. इस अहम फैसले के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम काफी तेजी से गिर गए हैं. इस पूरे कूटनीतिक घटनाक्रम को मध्य पूर्व में शांति की दिशा में एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
ईरान ने अपनी पूर्व निर्धारित शर्त के अनुसार एक बड़ा कदम उठाया है. जैसे ही पड़ोसी देश में युद्ध रुकने की घोषणा हुई, विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इंटरनेट के माध्यम से दुनिया को एक बेहद जरूरी संदेश दिया. उन्होंने साफ तौर पर ऐलान किया कि जब तक लेबनान में शांति समझौता लागू रहेगा, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य का समुद्री रास्ता तमाम व्यापारिक जहाजों की आवाजाही के लिए हमेशा खुला रहेगा. यह सुरक्षित आवाजाही समुद्री प्रशासन द्वारा तय रास्तों से होगी.
In line with the ceasefire in Lebanon, the passage for all commercial vessels through Strait of Hormuz is declared completely open for the remaining period of ceasefire, on the coordinated route as already announced by Ports and Maritime Organisation of the Islamic Rep. of Iran.
— Seyed Abbas Araghchi (@araghchi) April 17, 2026
इस घटनाक्रम पर नजर रखते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी प्रतिक्रिया साझा की. उन्होंने बताया कि ईरान ने जलमार्ग को वाणिज्यिक यातायात के लिए खोलने का वादा पूरा किया है, लेकिन उन्होंने तुरंत सख्त चेतावनी भी जारी की. ट्रंप ने स्पष्ट किया कि जब तक दोनों देशों के बीच भविष्य के लेनदेन अंतिम रूप नहीं लेते, तब तक नौसेना अपनी मजबूत नाकाबंदी बरकरार रखेगी. वहीं, जलमार्ग खुलने की खबर मिलते ही एजेंसी के अनुसार कीमतों में गिरावट आई.
यह महत्वपूर्ण शांति प्रयास गुरुवार को हकीकत में बदल गया जब ट्रंप ने इज़राइल और लेबनान के बीच दस दिनों के सीजफायर की सार्वजनिक घोषणा की. असल में अमेरिका काफी समय से तेहरान के साथ जारी भारी विवाद को खत्म करने की लगातार कोशिश कर रहा था. यह समझौता उसी कूटनीतिक रणनीति का मुख्य हिस्सा है। तेहरान ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया था कि युद्ध रुके बिना समाधान संभव नहीं है. यह परिणाम नेतन्याहू और आउन की वार्ता से मिला.
इस समझौते को लेकर अपने निजी नेटवर्क पर जानकारी साझा करते हुए ट्रंप ने स्पष्ट किया कि दोनों बड़े नेता पूरी तरह सहमत हो गए हैं. तय योजना के मुताबिक यह ऐतिहासिक युद्धविराम शाम पांच बजे से आधिकारिक रूप से प्रभावी हो जाएगा. ट्रंप ने भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए यह भी उम्मीद जताई कि आने वाले कुछ ही दिनों के भीतर नेतन्याहू और आउन पहली बार व्हाइट हाउस में मुलाकात करेंगे. यह बैठक शांति के नए आयाम गढ़ेगी.