ईरान के असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के सदस्य अयातुल्ला मोहसिन हैदरी ने एक इंटरव्यू में दावा किया कि 28 फरवरी को अमेरिकी-इजरायली हमले में मोजतबा खामेनेई घायल हुए थे. इसके बाद उन्हें इलाज के लिए तेहरान के एक अस्पताल ले जाया गया.
हैदरी के मुताबिक, मोजतबा के अस्पताल में होने की जानकारी मिलने के बाद तेहरान के तीन अस्पतालों को निशाना बनाया गया. उनका दावा है कि मोजतबा तीसरे अस्पताल में मौजूद थे और हमले के बाद उन्हें मलबे से जिंदा बाहर निकाला गया. यह दावा सामने आने के बाद उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई है.
मोजतबा खामेनेई को 8 मार्च 2026 को ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुना गया था. उनके पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की 28 फरवरी के हमले में मौत के बाद यह फैसला लिया गया. 88 सदस्यीय असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने यह चुनाव किया था. उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक बैठक बेहद गोपनीय तरीके से आयोजित की गई थी और दो-तिहाई से अधिक सदस्य इसमें शामिल हुए थे. हैदरी के अनुसार, मोजतबा को खुद भी इस फैसले की जानकारी पहले से नहीं थी और उन्होंने टीवी पर आधिकारिक घोषणा के बाद अपने चयन के बारे में जाना.
मोजतबा की लंबे समय से सार्वजनिक गैरमौजूदगी ने उनकी सेहत को लेकर सवाल खड़े किए हैं. वहीं, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा है कि उनकी हाल में मोजतबा से करीब सात घंटे तक मुलाकात हुई थी और वह स्वस्थ थे. पेजेशकियान ने अगस्त में भी इसी तरह का दावा किया था. सितंबर में भी पेजेशकियान ने कहा कि मोजतबा की सेहत को लेकर कोई गंभीर समस्या नहीं है और उनकी चोटें ठीक हो चुकी हैं. इसके विपरीत, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मोजतबा के गंभीर रूप से घायल होने का दावा किया है.
मोजतबा खामेनेई की सार्वजनिक अनुपस्थिति अब भी इस पूरे मामले का सबसे बड़ा सवाल बनी हुई है. हालिया रिपोर्टों में भी कहा गया है कि उन्होंने सुप्रीम लीडर बनने के बाद से सार्वजनिक रूप से उपस्थिति नहीं दर्ज कराई है. ऐसे में अस्पताल पर हमले और उनके बचाए जाने का नया दावा उनकी स्थिति को लेकर चल रही अटकलों को और बढ़ाता है. हालांकि, उनकी वास्तविक स्वास्थ्य स्थिति के बारे में स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है.