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मिडिल ईस्ट में युद्ध की छाया, ट्रंप की चेतावनी के बाद दूतावास खाली; भारत समेत कई देश अलर्ट मोड पर

मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ परमाणु वार्ता पर निराशा जताई और सैन्य कार्रवाई की आशंका बढ़ा दी.

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Edited By: Reepu Kumari
मिडिल ईस्ट में युद्ध की छाया, ट्रंप की चेतावनी के बाद दूतावास खाली; भारत समेत कई देश अलर्ट मोड पर
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: मध्य पूर्व एक बार फिर युद्ध की कगार पर खड़ा नजर आ रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही परमाणु समझौते की बातचीत पर खुलकर निराशा जाहिर की है. टेक्सास में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि ईरान परमाणु हथियार नहीं रख सकता और बातचीत सही दिशा में नहीं बढ़ रही. इसी बीच अमेरिका, ब्रिटेन, चीन और भारत जैसे देशों ने एहतियातन कदम उठाते हुए अपने दूतावासों और नागरिकों को क्षेत्र छोड़ने के निर्देश दिए हैं. स्थिति इतनी गंभीर है कि इजरायल में अमेरिकी दूतावास ने गैर-जरूरी कर्मचारियों को तुरंत निकलने को कहा है. 

ट्रंप का सख्त रुख और वार्ता की पटरी

ट्रंप ने स्पष्ट कहा कि वे बातचीत से खुश नहीं हैं. उन्होंने ईरान को चेतावनी दी कि परमाणु हथियार बनाने की इजाजत कभी नहीं मिलेगी. जिनेवा में हुई हालिया अमेरिका-ईरान वार्ता के बाद अमेरिकी टीम निराश लौटी, हालांकि ओमान के विदेश मंत्री ने प्रगति की बात कही. अगली दौर की बातचीत वियना में होने की उम्मीद है. ट्रंप ने कहा कि ईरान को समझौता करना चाहिए, वरना परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.

दूतावास खाली करने की होड़

कई देशों ने खतरे को भांपते हुए त्वरित कदम उठाए. अमेरिका ने यरूशलेम में अपने दूतावास के गैर-आपातकालीन कर्मचारियों को इजरायल छोड़ने की अनुमति दी. ब्रिटेन ने ईरान से अपने राजनयिकों को अस्थायी रूप से वापस बुला लिया. भारत सहित ऑस्ट्रेलिया, पोलैंड, फिनलैंड और सिंगापुर ने भी अपने नागरिकों को मध्य पूर्व के संवेदनशील इलाकों से दूर रहने या लौटने की सलाह जारी की. ये कदम ईरान के संभावित जवाबी हमले की आशंका से जुड़े हैं.

अमेरिकी सैन्य तैयारी तेज

कूटनीति के दावों के बीच अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी ताकत बढ़ा दी है. दूसरा विमानवाहक पोत यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड इजरायली जलक्षेत्र में पहुंच चुका है. इससे पहले कई लड़ाकू विमान और अन्य सैन्य संसाधन भेजे जा चुके हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि यह तैयारी किसी बड़े हमले की ओर इशारा कर रही है, हालांकि ट्रंप ने अंतिम फैसला अभी नहीं बताया.

इजरायल और अर्थव्यवस्था पर असर

संभावित संघर्ष की आशंका से इजरायल में उड़ानें रद्द हो रही हैं. तेल अवीव के लिए कई एयरलाइंस ने सेवाएं निलंबित कर दीं. इजरायली मुद्रा शेकेल में भारी गिरावट आई है. अमेरिकी दूतावास ने यरूशलेम के पुराने शहर और वेस्ट बैंक में यात्रा पर पाबंदी लगा दी. क्षेत्रीय अस्थिरता से वैश्विक बाजार भी प्रभावित हो रहे हैं. 

तेल बाजार और वैश्विक व्यापार प्रभावित

तेल की कीमतें 3.2 फीसदी चढ़कर 73 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गईं, जो कई महीनों की ऊंचाई है. लाल सागर में हूती विद्रोहियों की धमकी से मॉलर-मर्स्क और हापाग-लॉयड जैसी कंपनियां जहाजों का रूट बदल रही हैं. अब स्वेज नहर की बजाय अफ्रीका के दक्षिणी रास्ते से जाना पड़ रहा है, जिससे लागत और समय बढ़ रहा है. ट्रंप ने कहा कि जान-माल की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है.