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India Daily

'कोई ट्रेड नहीं...' रूबियो का PM मोदी और ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन की मुलाकात पर रिएक्शन; दूसरे देशों को क्यों दी चेतावनी?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की मुलाकात पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की टिप्पणी ने नई चर्चा छेड़ दी है. रुबियो ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि भारत और ईरान के बीच किसी व्यापार समझौते पर बातचीत हो रही है.

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Edited By: Reepu Kumari
'कोई ट्रेड नहीं...' रूबियो का PM मोदी और ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन की मुलाकात पर रिएक्शन; दूसरे देशों को क्यों दी चेतावनी?
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष जारी है. इसी बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दोनों नेताओं की बैठक पर प्रतिक्रिया दी है. मीडियो को दिए एक इंटरव्यू में रुबियो से PM मोदी और पेजेशकियन की मुलाकात के बारे में पूछा गया. जवाब में उन्होंने भारत और ईरान के बीच किसी व्यापार समझौते की संभावना से इनकार किया.

रुबियो ने हालांकि यह भी कहा कि दुनिया के कई देश ईरान के साथ बातचीत करते हैं और हर देश अपनी विदेश नीति खुद तय करता है. उन्होंने यह बात भी स्पष्ट की कि अमेरिका ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर गंभीर है. रुबियो के मुताबिक, किसी भी देश को ईरान को अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने में मदद नहीं करनी चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा करने वाले देशों को भी अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है.

रुबियो ने भारत ईरान व्यापार पर क्या कहा

फॉक्स न्यूज रेडियो के शो में रुबियो से प्रधानमंत्री मोदी की ईरानी राष्ट्रपति के साथ बैठक को लेकर सवाल किया गया था. उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि भारत और ईरान के बीच कोई व्यापार समझौता हो रहा है. साथ ही उन्होंने कहा कि कई देश ईरानी शासन के साथ संपर्क में हैं. रुबियो ने यह भी बताया कि अमेरिका ने भी ईरान के कुछ पक्षों के साथ बातचीत और संपर्क किया है.

ईरान को लेकर अमेरिका की चेतावनी

मार्को रुबियो ने अपने बयान में ईरान पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि कोई भी देश ईरान को इन प्रतिबंधों से बचने में मदद नहीं कर सकता. उनका कहना था कि अगर कोई देश ऐसा करता पाया गया, तो अमेरिका उस पर भी प्रतिबंध लगा सकता है. इस बयान के बाद भारत ईरान संबंधों को लेकर अमेरिका के रुख पर चर्चा तेज हो गई है.

PM मोदी और पेजेश्कियन की मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मसूद पेजेशकियन की मुलाकात सोमवार को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन से इतर हुई थी. यह दोनों नेताओं की पहली बैठक थी, जो अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद हुई. इस संघर्ष ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित किया है. इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है.

भारत ने व्यापार को लेकर रखी अपनी बात

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में स्थायी शांति के लिए किए जा रहे सभी प्रयासों को भारत का समर्थन दोहराया. उन्होंने पेजेशकियन से कहा कि भारत ईरान के साथ व्यापार को बढ़ाना चाहता है. इसके साथ ही भारत की इच्छा व्यापार टोकरी को विस्तार देने और उसमें विविधता लाने की भी है. यानी मुलाकात में आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में भारत का रुख सामने आया.