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India Daily

नेपाल बाढ़ के पीछे जिम्मेदार कौन? तबाही शुरू होने के 38 मिनट बाद मिली थी चेतावनी

नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान जारी है. हालांकि इसी बीच आपदा चेतावनी तंत्र के फेलियर को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए हैं.

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Edited By: Shanu Sharma
नेपाल बाढ़ के पीछे जिम्मेदार कौन? तबाही शुरू होने के 38 मिनट बाद मिली थी चेतावनी
Courtesy: ANI

नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई बाढ़ में मरने वालों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. जैसे-जैसे मलबा हटाया जा रहा है वैसे-वैसे शव निकल कर बाहर आ रहे हैं. बचाव दल लगातार लोगों की तलाश कर रहे हैं, जमीन से लेकर सुरंगों के अंदर तलाशी की जा रही है. हालांकि बचाव अभियान के दौरान कई लोगों के जीवन को बचाया भी गया है.

नेपाली प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने नेपाल में आए इस आपदा के पीछे जलवायु परिवर्तन को जिम्मेदार ठहराते हुए, भारत समेत कई देशों से हर्जाने की मांग की है. हालांकि कई रिपोर्ट में इस विनाशकारी बाढ़ के पीछे आपदा चेतावनी तंत्र का फेलियर बताया जा रहा है.

38 मिनट की चूक

नेपाल में 26 अगस्त 2026 की शुरुआत एक सामान्य दिन की तरह हुई. लेकिन कुछ ही देर में सबकुछ बदल गया. हंसते-खेलते हजारों लोगों को शायद पता नहीं था कि वे दिन उनके जीवन का आखिरी होगा. कुछ लोग अपने दिन की शुरुआत कर रहे थे और कुछ की शायद अभी आंखें भी न खुली हों. तभी सुबह 8:37 बजे पर ल्हेंदे घाटी में बर्फ और चट्टानों का भारी मलबा नीचे आया. लेकिन इसके 38 मिनट बाद तक कोई चेतावनी जारी नहीं की गई.

मिली जानकारी के मुताबिक आने वाले बाढ़ की पहली चेतावनी सुबह 9:15 बजे जारी की गई थी. तकनीकी समस्याओं की वजह से ये चेतावनी कुछ लोगों तक पहुंचने में और भी ज्यादा समय लगा. जिसकी वजह से बाढ़ में ज्यादा नुकसान हुआ. हालांकि नेपाल इसके पीछे दूसरे देशों को जिम्मेदार ठहराने में लगा है. लेकिन अगर यह चेतावनी उसी समय आ जाती तो शायद लोग ऊपरी इलाके में आसानी से भाग पाते. कहा जा सकता है कि जितना नुकसान हुआ शायद उतना न होता.

बालेंद्र शाह ने क्या कहा?

नेपाली प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने मीडिया से बात करते हुए स्थिति की जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि अब तक रेस्क्यू टीम द्वारा 11,993 लोगों को बचाया जा चुका है. वहीं अभी भी 3916 लोगों से संपर्क नहीं हो पाया है. उन्होंने बताया कि मंत्रियों का एक दल प्रभावित इलाके में पहुंचा हुआ है और जायजा ले रहा है. उन्होंने बताया कि हमें कई बैंकों से मदद मिली है और इसके लिए उन्होंने उन बैंकों का शुक्रिया किया है.