अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो चार दिवसीय भारत यात्रा पर आए हुए हैं. अपनी इस यात्रा के दौरान उन्होंने सेवा तीर्थ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और ताजमहल का दौरा भी किया. इस दौरान उन्होंने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान मीडिया से बातचीत भी की.
रुबियो का एक पुराना वीडियो सामने आया था, जिसमें एक अमेरिकी पत्रकार ने उनसे ऑनलाइन नस्लवाद और सोशल मीडिया पर भारत को लेकर की गई टिप्पणियों का मुद्दा उठाया था. अमेरिकी विदेश मंत्री ने इस पर जवाब दिया.
अमेरिकी विदेश मंत्री ने इस सवाल का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने रिपोर्टर से स्पष्ट रूप से पूछा था कि वह किस उदाहरण का जिक्र कर रहे हैं, लेकिन रिपोर्टर ने कोई ठोस जानकारी नहीं दी. रुबियो ने कहा कि उन्हें पर्याप्त मौका दिया गया था लेकिन विस्तार नहीं किया गया.
इस सवाल के जवाब में रुबियो ने कहा कि राष्ट्रपति भारत से बहुत प्यार करते हैं. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति भारत के बहुत बड़े प्रशंसक हैं, प्रधानमंत्री मोदी के बहुत बड़े प्रशंसक हैं. अगर राष्ट्रपति नहीं चाहते कि मैं यहां आऊं, तो मैं यहां नहीं होता. वह सर्जियो जैसे किसी व्यक्ति को हमारा राजदूत बनाकर नहीं भेजते, जो राष्ट्रपति के बहुत करीब है.
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अप्रैल में सोशल मीडिया पर एक पॉडकास्टर की एक अपमानजनक पोस्ट शेयर की थी, जिसमें भारत को नरक बताया गया था. उस समय, भारतीय विदेश मंत्रालय ने ट्रंप का सीधे तौर पर नाम लिए बिना इस पर प्रतिक्रिया दी थी. MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि ये टिप्पणियां निश्चित रूप से भारत-अमेरिका संबंधों की वास्तविकता को नहीं दर्शातीं, जो लंबे समय से आपसी सम्मान और साझा हितों पर आधारित रहे हैं.
रुबियो ने मीडिया से बातचीत के दौरान भारतीय-अमेरिकियों को झेलनी पड़ रही नस्लवादी टिप्पणियों से जुड़ी चिंताओं पर बात की. उन्होंने कहा कि दुनिया के हर देश में बेवकूफ लोग होते हैं. मुझे यकीन है कि अमेरिका में भी ऐसे बेवकूफ लोग हैं, जो हर समय बेवकूफी भरी टिप्पणियां करते रहते हैं. रुबियो इस समय भारत के दौरे पर हैं और आज जयपुर यात्रा पर करने वाले हैं.