पाकिस्तान में एक बार फिर आतंकियों के बीच खौफ का माहौल है. खैबर पख्तूनख्वा में लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख कमांडर शेख यूसुफ अफरीदी को अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी. हमलावरों ने कई राउंड फायर किए, जिससे अफरीदी मौके पर ही ढेर हो गया. सुरक्षा एजेंसियां इस हत्या को सुनियोजित हमला मान रही हैं. अफरीदी लश्कर की क्षेत्रीय गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था और हाफिज सईद के विश्वसनीय सहयोगियों में शामिल था. उसकी मौत से लश्कर के अंदर हड़कंप मचा हुआ है.
शेख यूसुफ अफरीदी लश्कर-ए-तैयबा का सक्रिय कमांडर था और खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में संगठन की कमान संभालता था. अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित इस आतंकी संगठन में वो एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता था. अज्ञात हमलावरों ने उस पर अचानक हमला कर दिया और कई गोलियां चलाईं. पुलिस और खुफिया एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं और इसे टारगेटेड किलिंग मान रही हैं.
यह हत्या पाकिस्तान में आतंकियों पर हो रहे लगातार हमलों की नई कड़ी है. पिछले महीने लाहौर में लश्कर के संस्थापक सदस्य अमीर हमजा पर हमला हुआ, हालांकि वे बच गए. इससे पहले जयश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर के बड़े भाई मुहम्मद ताहिर अनवर की भी रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई थी.
पिछले साल मार्च में लश्कर का शीर्ष आतंकी अबू कतल उर्फ कतल सिंधी को झेलम में अज्ञात हमलावरों ने मार गिराया था. वह 26/11 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का करीबी था और 2024 के रियासी हमले का मास्टरमाइंड बताया जाता था. इन हत्याओं से साफ है कि पाकिस्तान में आतंकियों के बीच अब अंदरूनी या बाहरी खतरा बढ़ गया है.
2023 से पाकिस्तान में ऐसे हमलों का सिलसिला शुरू हुआ है. सात महीनों में सात आतंकियों को मार गिराया गया था. 2026 में अब तक लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े कम से कम 30 आतंकियों को अज्ञात बंदूकधारियों ने निशाना बनाया है. लाहौर, कराची समेत कई शहरों में ये घटनाएं हुई हैं.