नई दिल्ली: अमेरिका में व्हाइट हाउस संवाददाताओं के वार्षिक रात्रिभोज के दौरान गोलीबारी की खबर से हड़कंप मच गया था. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, मेलानिया ट्रंप, जेडी वेंस समेत कई शीर्ष नेता वहां मौजूद थे. सुरक्षा बलों ने तुरंत उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. ठीक इसी घटना पर ईरान ने पलटवार करते हुए एक अनोखा लेगो स्टाइल एनिमेटेड वीडियो जारी किया है. यह वीडियो रैप गाने की शैली में बनाया गया है, जिसमें ट्रंप प्रशासन की आलोचना की गई है. सोशल मीडिया पर लाखों लोगों ने इसे देखा और शेयर किया. यह ईरान की ओर से सूचना युद्ध का नया रूप माना जा रहा है.
ईरान ने शनिवार की घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए लेगो एनिमेशन का इस्तेमाल किया. वीडियो में ट्रंप को भाषण देते दिखाया गया है, फिर अचानक सुरक्षा एजेंट उन्हें बाहर ले जाते हैं. इसमें व्यंग्यात्मक गाने के जरिए ट्रंप की नेतृत्व शैली और सुरक्षा प्रबंधन पर तंज कसा गया है. वीडियो में खाली प्लेटों, जल्दबाजी में निकासी और ‘स्टेज्ड सीन’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है. यह क्लिप Explosive Media नामक प्रो-ईरान ग्रुप से जुड़ी मानी जा रही है.
वीडियो में मुख्य लाइन है- 'हर बार जब आपके पोल गिरते हैं, तो आप वही पुरानी स्कीम दोहराते हैं.' इसमें आरोप लगाया गया है कि ट्रंप अपनी लोकप्रियता गिरने पर ऐसे ड्रामे रचते हैं ताकि ध्यान अपनी ओर खींच सकें. गाने में ट्रंप के 'स्नोफ्लेक ईगो' और 'फ्रेजाइल ईगो' का मजाक उड़ाया गया है. यह भी कहा गया कि कुछ मैगा समर्थक अब ट्रंप की कमियों को समझने लगे हैं.
यहां देखें वीडियो
Wow. Iranian Lego diss track team is FAST. pic.twitter.com/ILdlraLfFq
— Malcolm Nance (@MalcolmNance) April 26, 2026
डिस ट्रैक में कहा गया है, 'आप डिनर कंट्रोल कर लेते हैं, लेकिन हार जाते हैं. आप नैरेटिव कंट्रोल करते हैं, फिर भी लूजर हैं.' वीडियो में ट्रंप को मजबूत दिखने की कोशिश करने वाला बताया गया है, लेकिन पीछे से लोग उन पर हंस रहे हैं. इसमें मेंटलिस्ट को हायर करने का जिक्र करते हुए कहा गया कि ट्रंप रोस्टिंग से बचना चाहते हैं. घटना के बाद सब कुछ कंट्रोल में आ गया, लेकिन कुछ हुआ नहीं- सिर्फ कन्फ्यूजन और ड्रामा था.
यह पहला मौका नहीं है जब ईरान या प्रो-ईरान अकाउंट्स ने ट्रंप को निशाना बनाते हुए ऐसे वीडियो जारी किए हैं. इससे पहले Explosive Media ग्रुप के कई लेगो स्टाइल वीडियो वायरल हुए थे, जिन्हें यूट्यूब ने 'वायलेंट कंटेंट' के आरोप में बैन कर दिया था. ग्रुप खुद को स्वतंत्र बताता है, लेकिन अमेरिकी और पश्चिमी मीडिया इसे ईरानी सरकार से जुड़ा मानता है. ये वीडियो सस्ते लेकिन प्रभावी तरीके से प्रचार का काम कर रहे हैं.
वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया है. इसमें ट्रंप को ‘सुपर फ्रेजाइल’ बताया गया है और कहा गया कि देश आर्थिक दबाव में है. ईरान का यह कदम अमेरिका-ईरान तनाव के बीच इन्फोर्मेशन वॉर को नई ऊंचाई दे रहा है. अमेरिकी अधिकारी अभी इस पर औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे वीडियो युवाओं और सोशल मीडिया यूजर्स पर असर डाल सकते हैं.