नई दिल्ली: काश पटेल के निजी ईमेल अकाउंट में सेंधमारी की खबर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है. रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान से जुड़े हैकर्स ने उनके Gmail अकाउंट को हैक कर कई ईमेल और निजी तस्वीरें ऑनलाइन लीक कर दी हैं. इस हमले की जिम्मेदारी खुद को हंदाला हैक टीम बताने वाले समूह ने ली है. उन्होंने दावा किया कि पटेल अब उनके सफलतापूर्वक हैक किए गए लोगों की सूची में शामिल हो चुके हैं.
रिपोर्ट्स के मुताबिक हैकर्स ने 300 से ज्यादा ईमेल का एक सैंपल जारी किया है. ये ईमेल 2010 से 2019 के बीच के बताए जा रहे हैं. इनमें निजी और काम से जुड़े संवाद शामिल हैं, लेकिन अभी तक इनकी पूरी तरह पुष्टि नहीं हो पाई है. ईमेल के अलावा कुछ निजी तस्वीरें भी लीक की गई हैं, जिनमें पटेल को अलग-अलग निजी पलों में देखा जा सकता है. इससे यह भी संकेत मिलता है कि हमले का मकसद सिर्फ जानकारी लीक करना नहीं, बल्कि छवि को नुकसान पहुंचाना भी हो सकता है.
एफबीआई ने इस साइबर हमले की पुष्टि की है, लेकिन इसकी गंभीरता को कम बताते हुए कहा कि लीक हुई सामग्री पुरानी है और इसमें कोई संवेदनशील सरकारी जानकारी शामिल नहीं है. अधिकारियों के अनुसार, खतरे को कम करने के लिए जरूरी कदम उठा लिए गए हैं.
Iran-linked “Handala Hack Team” claims to have breached the personal email of FBI Director Kash Patel, posting photos and a purported resume online.
According to Reuters, A Justice Department official confirmed the emails were compromised but gave no details.— AZ Intel (@AZ_Intel_) March 27, 2026Also Read
हंदाला नाम का यह समूह खुद को फिलिस्तीन समर्थक बताता है, लेकिन कई साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ इसे ईरान से जुड़े नेटवर्क का हिस्सा मानते हैं. बताया जा रहा है कि यह समूह पहले भी कई साइबर हमलों में शामिल रहा है और बड़ी कंपनियों तथा संगठनों को निशाना बना चुका है. साइबर एक्सपर्ट्स के अनुसार, निजी ईमेल अकाउंट ज्यादा सुरक्षित नहीं होते और उन्हें निशाना बनाना आसान होता है. इस तरह के हमलों का मकसद अक्सर किसी व्यक्ति को शर्मिंदा करना, दबाव बनाना या राजनीतिक संदेश देना होता है.
यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़े अधिकारी के निजी ईमेल को निशाना बनाया गया हो. 2016 में जॉन पोडेस्टा का ईमेल अकाउंट हैक हुआ था, जबकि 2015 में जॉन ब्रेनन के निजी ईमेल में भी सेंध लगाई गई थी. इन घटनाओं ने दिखाया कि साइबर हमले कितने बड़े राजनीतिक और सामाजिक असर डाल सकते हैं.