इजरायल ने सीरिया की राजधानी दमिश्क के पास स्थित ईरान निर्मित सुरंगों पर रातभर मिसाइल हमले किए. इन सुरंगों का उपयोग कथित तौर पर बैलिस्टिक मिसाइलों को स्टोर करने और लॉन्च करने के लिए किया जाता था. इजरायल के इस हमले से ईरान में क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर फिर से चिंता गहरा गई है.
सुरंगों और मिसाइल गोदामों पर हमला
अरबी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायली वायुसेना ने दमिश्क के नजदीक क़लामौन क्षेत्र में ईरान निर्मित सुरंगों और मिसाइल गोदामों को निशाना बनाकर 17 हवाई हमले किए. ये हमले विशेष रूप से नासिरिया एयरपोर्ट और ईरानी-निर्मित रणनीतिक सुरंग परिसरों पर केंद्रित थे. बताया जा रहा है कि इन सुरंगों को भविष्य में बैलिस्टिक मिसाइलों को सुरक्षित रखने और लॉन्च करने के लिए डिजाइन किया गया था.
सीरिया में इजरायल के बढ़ते हमले
इजरायली सैन्य सूत्रों के अनुसार, हाल के वर्षों में सीरिया में 300 से अधिक हवाई हमले किए गए हैं. ये हमले मुख्य रूप से सीरियाई सेना और ईरान समर्थित ठिकानों पर केंद्रित थे ताकि उन्नत हथियार और प्रौद्योगिकी दुश्मन के हाथों में न जा सके. इस हफ्ते किए गए ताजा हमलों का उद्देश्य सीरिया में ईरान द्वारा निर्मित हथियार भंडारण और लॉन्च साइट्स को नष्ट करना था.
रणनीतिक सुरंगों पर फोकस
जॉर्डन स्थित अल-घद टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल ने ईरान द्वारा बनाए गए सुरंग परिसरों को खासतौर पर निशाना बनाया. ये सुरंगें न केवल मिसाइलों के भंडारण के लिए, बल्कि उन्हें भविष्य में लॉन्च करने के उद्देश्य से भी तैयार की गई थीं.
क्षेत्रीय तनाव में बढ़ोतरी
इन हमलों के बाद से सीरिया और इजरायल के बीच तनाव बढ़ने की संभावना है. विशेषज्ञों का मानना है कि इजरायल ईरान की बढ़ती सैन्य उपस्थिति को कमजोर करने के लिए इस तरह के हमले करता आ रहा है. इस कार्रवाई से स्पष्ट होता है कि इजरायल, ईरान की गतिविधियों को लेकर सतर्क है और क्षेत्र में उसके प्रभाव को कम करने के लिए लगातार प्रयासरत है.