गाजा पट्टी में जारी संघर्ष एक नए गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है. इजराइली हवाई हमलों ने न सिर्फ जनहानि बढ़ाई है, बल्कि गाजा सिटी को दुनिया से लगभग पूरी तरह अलग-थलग कर दिया है. इंटरनेट और फोन सेवाओं के ठप हो जाने से वहां के लोगों का बाहरी दुनिया से संपर्क टूट गया है, जिससे हालात और भी भयावह हो गए हैं.
फिलिस्तीनी दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ने जानकारी दी कि उत्तरी गाजा में मुख्य नेटवर्क लाइनों पर इजराइली हमले हुए हैं. इन हमलों से इंटरनेट और टेलीफोन सेवाएं पूरी तरह से बंद हो गईं. परिणामस्वरूप गाजा सिटी के लोग अब न तो बाहरी दुनिया से संपर्क कर पा रहे हैं और न ही अपनी स्थिति के बारे में जानकारी साझा कर पा रहे हैं.
हमास-नियंत्रित प्रशासन ने दावा किया कि इजराइल के रातभर चले हमलों में कम से कम 16 लोग मारे गए हैं. इनमें से कई हमले गाजा सिटी में ही हुए. स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि मारे गए लोग आम नागरिक थे या फिर लड़ाके. इस अस्पष्टता के बावजूद, लगातार बढ़ते हताहतों ने क्षेत्र में दहशत का माहौल और गहरा कर दिया है.
गाजा सिटी में संचार प्रणाली के टूटने से आम लोग और भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. न तो वे अपने परिजनों से संपर्क कर पा रहे हैं और न ही मदद की अपील कर पा रहे हैं. अस्पतालों और राहत एजेंसियों को भी गंभीर मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि बिना नेटवर्क और संचार सुविधा के राहत कार्य समन्वयित करना लगभग असंभव हो गया है.
लगातार हो रहे हमलों ने गाजा पट्टी में तनाव को और बढ़ा दिया है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई जा रही है कि संचार व्यवस्था टूटने से मानवीय संकट और गहरा जाएगा. विशेषज्ञों का मानना है कि गाजा को दुनिया से काट देना न सिर्फ स्थानीय लोगों की पीड़ा बढ़ाएगा, बल्कि संघर्ष समाधान की संभावनाओं को भी कमजोर करेगा. इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक गाजा के लोग इस असुरक्षा और भय में जीने को मजबूर रहेंगे.