नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट इस समय पूरी तरह से युद्ध झेल रहा है. US और इजराइल मिलकर ईरान पर गोला-बारूद की बौछार कर रहे हैं. ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद अशांति और बढ़ती जा रही है. ईरान ने भी कई बार US मिलिट्री बेस को निशाना बनाया है. ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते हमलों के बाद एयर डिफेंस सिस्टम पर बहस तेज हो गई है.
एयर डिफेंस सिस्टम एक ऐसा स्ट्रक्चर है जिसे दुश्मन की मिसाइलों, ड्रोन, फाइटर जेट और रॉकेट को हवा में ही रोकने या नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है. मॉडर्न युद्ध में पहला हमला अक्सर आसमान से होता है, इसलिए एयर डिफेंस किसी देश का मुख्य डिफेंस बन गया है.
रिपोर्ट के अनुसार इजराइल का डिफेंस बजट लगभग 19 अरब डॉलर होने का अनुमान है. ईरान का डिफेंस बजट 7 से 8 अरब डॉलर के बीच होने का अनुमान है. इजराइल टेक्नोलॉजी और अपग्रेड पर ज्यादा खर्च करता है. ईरान की आबादी ज्यादा है, जिससे उसे लंबे युद्ध में ह्यूमन रिसोर्स का फायदा मिल सकता है.
आयरन डोम: इसे छोटे रॉकेट और कम दूरी की मिसाइलों को रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. इसकी सफलता की दर 90 प्रतिशत से ज्यादा बताई जाती है.
डेविड्स स्लिंग: इसका इस्तेमाल मीडियम-रेंज मिसाइलों और क्रूज मिसाइलों को रोकने के लिए किया जाता है.
एरो-3: इसमें पास के स्पेस में लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट करने की क्षमता है.
आयरन बीम: यह एक लेजर-बेस्ड सिस्टम है, जिसे कथित तौर पर 2025-26 में तैनात किया जाएगा. इसकी खासियतें कम लागत और तेजी से जवाब देना हैं. यह इजराइली मल्टी-लेयर्ड सिस्टम कम से लेकर लंबी दूरी तक अलग-अलग लेवल की सुरक्षा देता है.
ईरान ने हाल के सालों में अपने घरेलू डिफेंस सिस्टम को मजबूत करने पर ध्यान दिया है.
S-300 PMU2: ईरान के पास यह लॉन्ग-रेंज सिस्टम है जिसे रूस से खरीदा गया था. इसे ईरान की स्ट्रेटेजिक शील्ड माना जाता था. हालांकि अक्टूबर 2024 में इजराइली हवाई हमलों में इसे भारी नुकसान हुआ.
बावर-373: यह ईरान का घरेलू लॉन्ग-रेंज सिस्टम है. खबर है कि यह सैय्यद-4B मिसाइल का इस्तेमाल करता है, जिसकी रेंज लगभग 300 किलोमीटर है.
खोरदाद-15: यह एक मीडियम-रेंज मोबाइल सिस्टम है. खबर है कि यह 85 किलोमीटर दूर तक स्टेल्थ जेट का पता लगा सकता है.
सेवोम खोरदाद: सेवोम खोरदाद 105 किलोमीटर तक के टारगेट को मार गिराने में सक्षम है. उसके सिस्टम पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट को भी निशाना बनाने में सक्षम हैं.
इजराइल के पास 600 से ज्यादा एयरक्राफ्ट हैं. इनमें F-35I Adir, F-16I, और F-15I जैसे मॉडर्न फाइटर जेट शामिल हैं. F-35 एक स्टेल्थ एयरक्राफ्ट है. ईरान के पास भी 500 से ज्यादा एयरक्राफ्ट हैं, लेकिन इनमें F-4, F-5, और F-14 जैसे कई पुराने मॉडल शामिल हैं.
इजराइल का एयर डिफेंस सिस्टम टेक्नोलॉजी, मल्टी-लेयर प्रोटेक्शन और सक्सेस रेट के आधार पर ज्यादा एडवांस्ड माना जाता है. हालांकि कहा जाता है कि ईरान के पास ज्यादा मिसाइल और ड्रोन हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स इसकी एयर डिफेस टेक्नोलॉजी को इजराइल से एक लेवल नीचे मानते हैं.