Israel Hamas War: काफी लंबे समय से चल रहा इजरायल और हमास का युद्ध अभी भी खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. इसमें रह रहकर कोई न कोई अपडेट आ जाती है. कभी हमास की ओर से हमला कर दिया जाता है तो कभी इजरायल की ओर से रॉकेट दाग दिए जाते हैं. इस बीच इजरायली सेना ने एक बार फिर अपना लोहा मनवा लिया है. IDF ने सोशल मीडिया के जरिए बताया कि उसने अपने 4 नागरिकों को अगवा होने के 7 महीने बाद भी हमास से जिंदा बचा लिया है.
7 अक्टूबर, 2023 को फिलिस्तीनी उग्रवादी हमास और फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद (PIJ) ने इजरायल पर हमला कर दिया था. इसके बाद इजरायल ने जवाबी कार्रवाई करते हुए गाजा पट्टी को हिला दिया. तभी से मामले खिंचा चला आ रहा है. इसमें रोजाना कोई न कोई अपडेट होता है.
इजरायल ने जानकारी दी है कि उसने गाजा के अंदर जाकर खुफिया अभियान चलाया था. इस ऑपरेशन में इजरायली 4 बंधकों को जिंदा छुड़ाया गया है. उन्हें बीते साल 7 अक्टूबर के हमले के बाद हमास के आतंकियों ने सुपरनोवा फेस्टिवल से उठा लिया था. सेना के सक्रिय अभियान के सफल होने के बाद बचाए गए लोगों से इजरायली प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने बात की है. फिलहाल चारों की हालत अच्छी बताई जा रही है.
This morning, in a joint special operation held by the @IDF, ISA and the Israeli Police 4 Israeli hostages were rescued from Gaza:
— Israel ישראל (@Israel) June 8, 2024
Noa Argamani (25)
Almog Meir Jan (21)
Andrey Kozlov (27)
Shlomi Ziv (40)
They are in good medical condition and have been transferred to the… pic.twitter.com/VOhy7z05TJ
शनिवार को IDF से मिली जानकारी के अनुसार, अल-नुसेरात के मध्य गाजा क्षेत्र के दो जगहों से 4 बंधकों को बताया गया है. ये 7 अक्टूबर से ही अगवा थे. इसमें तीन पुरुष और 1 महिला शामिल हैं. सभी की मेडिकल जांच कराई जा रही है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, छुड़ाए गए लोगों में नोआ, उम्र- 26, अल्मोग मीर जान, उम्र- 21, एंड्री कोजलोव, उम्र- 27, श्लोमी जिव, उम्र-40 का नाम शामिल हैं.
ये उन 250 लोगों में शामिल थे जिन्हें हमास ने 7 अक्टूबर के हमले के बाद अगवा कर लिया था. जानकारी के अनुसार, अभी भी इन 250 लोगों में से 116 लोग बंधक हैं. हालांकि, युद्ध के बीच करीब 40 लोगों के मौत की बात कही जा रही है.
इजरायली राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग और पीएम नेतन्याहू ने वीडियो कॉल करके पीड़ितों की जानकारी ली है. इसके साथ ही सेना और प्रशासन को उनके इलाज के लिए उचित निर्देश देने के साथ IDF का उत्साह बढ़ाया गया है.