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कभी स्कूल, कभी अस्पताल, मासूमों के पीछे पड़ा इजरायल या कुछ और है वजह?

Israel Attack Gaza Schools: इजराइल की सेना अब गाजा में मासूम बच्चों को निशाना बना रही है. इजराइल की ओर से गुरुवार को सेंट्रल गाजा में एक स्कूल पर किए गए हमलों में 5 बच्चों समेत 30 से 40 लोग मारे गए.

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कभी स्कूल, कभी अस्पताल, मासूमों के पीछे पड़ा इजरायल या कुछ और है वजह?
Courtesy: CNN

Israel Attack Gaza Schools: इजराइली सेना का गाजा पर ताबड़तोड़ एक्शन जारी है, लेकिन इस बार नेतन्याहू की सेना ने मासूमों को अपना शिकार बनाया है. सेंट्रल गाजा के नुसेरात शरणार्थी शिविर के पास संयुक्त राष्ट्र की ओर से चलाए जा रहे स्कूल पर हुए हवाई हमले में 30 से 40 लोगों के मारे जाने की खबर है.मृतकों में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं.

हमला तब हुआ जब इजराइली सेना ने कहा कि वो सेंट्रल गाजा में नए हवाई और जमीनी अभियान शुरू कर रही है. गाजा के एक अस्पताल के मुताबिक, देर अल-बला में अल-अक्सा शहीद अस्पताल में स्कूल पर हमले की वजह से कम से कम 30 शव मिले और एक घर पर अलग से किए गए हमले के बाद छह और शव मिले.

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फोटो क्रेडिट- CNN

हमास ने स्कूल पर हमले में बच्चों के मारे जाने की दी थी खबर

इससे पहले हमास की ओर से संचालित मीडिया ने स्कूल पर किए गए हमले में अधिक संख्या में लोगों के मारे जाने की सूचना दी थी. उधर, इजराइली सेना ने कहा कि उसके लड़ाकू विमानों ने फलस्तीनियों को सहायता प्रदान करने वाली संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी की ओर से संचालित स्कूल पर हमला किया. संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी को ‘UNRWA’ के नाम से जाना जाता है. 

क्या वाकई में इजराइल मासूमों को बना रहा निशाना?

इजराइली सेना की ओर से स्कूल पर किए गए हमले को लेकर कई देशों ने आपत्ति जताई है. इसे बर्बरतापूर्ण कार्रवाई बताते हुए युद्ध विराम की अपील भी की गई है. उधर, इजराइली सेना ने दावा किया कि ‘हमास’ और ‘इस्लामिक जिहाद’ संगठनों ने अपनी गतिविधियों के लिए स्कूल का इस्तेमाल ढाल के रूप में किया.

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फोटो क्रेडिट- CNN

हालांकि, इजराइल सेना की ओर से तत्काल इसका कोई सबूत पेश नहीं किया गया है. इजराइली सेना ने दावा किया कि हमले के दौरान निर्दोष नागरिकों को नुकसान पहुंचने के जोखिम को कम करने के लिए हमला करने से पहले कई कदम उठाए गए थे, जिनमें हवाई निगरानी करना और अतिरिक्त खुफिया जानकारी शामिल हैं.

नुसेरात शरणार्थी शिविर गाजा पट्टी के मध्य में है, जो 1948 के अरब-इजराइल युद्ध के समय से है. हमास और इजराइल के बीच 7 अक्तूबर से जारी जंग में 1200 से अधिक इजराइलियों की मौत हो चुकी है. साथ ही अभी भी 250 से अधिक लोगों को बंधक बनाए जाने का आरोप है.वहीं, गाजा पट्टी में इजराइली सैन्य अभियान में कम से कम 36,000 फलस्तीनी मारे गए हैं. गाजा में इजराइली हमलों के कारण अब तक 23 लाख से अधिक फलस्तीनियों की अधिकांश आबादी विस्थापित हो गई है.