Israel–Hamas war protests: कोलंबिया यूनिवर्सिटी में फिलिस्तीन के हक में आवाजें उठने लगी हैं. इन आवाजों पर अमेरिकी सरकार डरी हुई है और विरोध प्रदर्शनों को कुचला जा रहा है. लोकतंत्र के सबसे बड़े दावेदार कहे जाने वाले अमेरिका, अपने अलग-अलग विश्वविद्यालों में फिलिस्तीन के हक में उठ रही आवाजों को दबा रही है. कोलंबिया यूनिवर्सिटी के बाहर पुलिस की दर्जनों गाड़ियां खड़ी हैं. छात्रों को हिरासत में लिया गया है. करीब 50 से ज्यादा लोगों को धर दबोचा गया है.
गिरफ्तार छात्रों के हाथ बंधे हैं और उन्हें घसीटकर बसों में भरा जा रहा है. छात्र गाजा के हक में आवाजें उठा रहे हैं. अमेरिका के कई विश्वविद्यालय और कॉलेजों में जमकर विरोध प्रदर्शन हो रहा है.
पुलिस कोलंबिया यूनिवर्सिटी कैंपस में दाखिल हो गई है. गिरफ्तार लोगों को पुलिस कैंपस से दूर ले जा रही है. बड़ी संख्या में पुलिस छात्रों के हाथ बांधकर ले जा रही है. मंगलवार रात से ही न्यूयॉर्क पुलिस एक्शन में उतरी है. गाजा में फिलिस्तीनियों पर इजराइल लगातार हमले कर रहा है. कोलंबिया में हैमिलटन हॉल पर लोग खिड़कियां तोड़कर अंदर घुस रहे हैं.
क्यों घुसी है कोलंबिया पुलिस?
न्यूयॉर्क पुलिस ने कहा है कि कोलंबिया कैंपस में घुसने के अलावा कोई और विकल्प नहीं था. छात्र प्रदर्शन तेज कर चुके थे. हैमिल्टन हॉल पर छात्रों ने कब्जा जमा लिया. प्रदर्शनकारियों ने जमकर वहां तोड़फोड़ की थी. पुलिस क्रेन और बड़ी सीढ़ियां लेकर इमरात में घुसी है. कोलंबिया स्टूडेंट्स फॉर जस्टिस इन फिलस्तीन ने पहले ही गिरफ्तारी की आशंका जताई थी.
गाजा में हो क्या रहा है?
गाजा शहर तो पूरी तरह से तबाह हो चुका है. 7 अक्टूबर के हमले के बाद से ही वहां के हालात बिगड़ गए हैं. 7 अक्टूबर को हमास ने इजराइल पर सैकड़ों मिसाइल दाग दिए थे. इस हमले में 1200 इजराइली नागरिक मारे गए थे. इजराइल ने काउंटर अटैक किया तो हमास गाजा से साफ हो गया. गाजा में सामूहिक कब्रें मिलीं. 34,000 से ज्यादा लोग मारे गए. गाजा के सारे अस्पताल टूट गए हैं. पूरा शहर खंडहर हो गया है.
रफाह शहर में लोग एयर स्ट्राइक से मर रहे हैं. वहां के आम लोग दाना-पानी को तरस गए हैं. यह युद्ध सबसे बड़ी मानव त्रासदी लेकर सामने आया है. इसी वजह से सीज फायर और इजराइल के खिलाफ एक्शन की मांग को लेकर दुनियाभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.