Britain News: ब्रिटेन का जो कोर्निश शहर कभी पैसों से मालामाल हुआ करता था. यहां के लोग बेहद खुशहाल थे. आज यह यूरोप के सबसे पिछड़े शहरों में से एक बन गया है. यह शहर कभी अपने तांबे के उद्योग के लिए जाना जाता था. अब यहां दर्जनों की संख्या में लोग तंबू और अस्थायी शिविरों में रहने को मजबूर हैं. भिखारियों, गुंडागर्दी, और बड़े पैमाने पर नशीली दवाओं की तस्करी के कारण अब यहां पुलिस कर्मचारी तैनात रहते हैं. रिपोर्ट के अनुसार, कॉर्नवाल का यह शहर कभी पूरी दुनिया के सबसे अमीर स्थानों में से एक था लेकिन आज यह यूरोप के सबसे पिछड़े शहरों में से एक बन चुका है.
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस हाई स्ट्रीट की 20 से 30 फीसदी दुकानें पूरी तरह से बंद हो चुकी हैं. जो इमारतें शेष रह गई हैं वे बेहद खराब स्थिति में हैं. सड़क के हर हिस्से पर बीयर के खाली डिब्बों के ढेर और कचरे को देखा जा सकता है. कॉर्नवाल का यह क्षेत्र ब्रिटेन के केवल चार क्षेत्रों में से एक था. ब्रिटेन के ब्रेग्जिट से बाहर आने के बाद इसको मिलने वाली सब्सिडी खत्म हो गई और अब यह शहर अपने बचाव के लिए संघर्ष कर रहा है.
कैंबोर्न के कुछ बेघर हुए लोगों को एक पुराने आर्मी होटल में रखा गया है. शेष लोगों को अस्थायी रुप से बनाए गए केबिनों में रखा गया है. कई लोग तो बमुश्किल अपना जीवन काट रहे हैं लोग कब्रिस्तान में रहने को मजबूर हैं. स्थानीय परिषद ने भी लोगों की मदद करना छोड़ दिया है.स्थानीय स्तर पर मिलने वाले उद्योग धंधों के बंद होने के बाद युवाओं के सामने रोजगार का संकट पैदा हो गया है. इस कारण पूरे शहर में व्यापक स्तर पर अपराध ने अपने पैर पसार लिए हैं. क्षेत्र अब अपराध और समस्याओं का नया केंद्र बन गया है.