नई दिल्ली: मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है क्योंकि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सुरक्षा को लेकर विरोधाभासी खबरें सामने आ रही हैं. सोशल मीडिया पर उनकी मौत की अफवाहें तेजी से फैलीं, जिसके बाद ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक उग्र बयान जारी किया. ईरान ने स्पष्ट किया है कि यदि नेतन्याहू जीवित हैं, तो उनका अंत निश्चित है. इजरायली प्रशासन ने इन दावों को मनोवैज्ञानिक युद्ध करार देते हुए प्रधानमंत्री के पूरी तरह स्वस्थ होने की पुष्टि की है.
ईरान के आईआरजीसी ने 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस-4' के तहत तेल अवीव के औद्योगिक क्षेत्रों पर मिसाइल हमले किए. ईरानी सेना का दावा है कि इन हमलों में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है. उन्होंने नेतन्याहू को अपराधी और बच्चों का हत्यारा बताते हुए कसम खाई कि वे उनका पीछा करना नहीं छोड़ेंगे. ईरान के अनुसार, नेतन्याहू या तो मारे गए हैं या देश छोड़कर भाग चुके हैं.
ईरानी बलों ने केवल इजरायल ही नहीं, बल्कि क्षेत्र में स्थित अमेरिकी ठिकानों को भी अपना लक्ष्य बनाया. इसमें एर्बिल का अल-हरिर एयर बेस, कुवैत का कैंप अरिफजान और अली अल सलेम एयर बेस शामिल हैं. आईआरजीसी का कहना है कि ये हमले नेतन्याहू की नीतियों का जवाब हैं. हमलों के दौरान तेल अवीव में एंबुलेंस के सायरन और अफरा-तफरी का माहौल देखा गया.
इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने मौत की सभी खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है. तुर्की की अनादोलु एजेंसी से बातचीत में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ये खबरें पूरी तरह आधारहीन और 'फेक न्यूज' हैं. प्रधानमंत्री सुरक्षित स्थान पर हैं और अपना कार्यभार संभाल रहे हैं. इजरायल ने इसे ईरान की ओर से फैलाई गई एक सोची-समझी साजिश बताया है.
अफवाहों को बल तब मिला जब एक वीडियो में नेतन्याहू के हाथ में अतिरिक्त उंगली दिखने का दावा किया गया. आलोचकों ने इसे एआई या डीपफेक बताया. हालांकि, इजरायल ने पुष्टि की कि 13 मार्च को एक्स पर पोस्ट किया गया वीडियो असली है. वीडियो में नेतन्याहू ईरान और हिजबुल्लाह को कुचलने की बात कर रहे हैं, जो उनके जीवित होने का पुख्ता प्रमाण है.