मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच इजरायल के एक अधिकारी ने बड़ा दावा किया है. 'द जेरूसलम पोस्ट' से बात करते हुए उन्होंने दावा किया कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के नौसेना कमांडर अलीरेजा तंगसिरी की मौत हो गई है. उन्होंने बताया कि उनकी मौत बंदर अब्बास में हुए एक हमले के दौरान हुई है.
तंगसिरी की कथित हत्या की खबर ने इस रणनीतिक क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा दिया है. हालांकि अभी तक इस मामले में अधिक जानकारी सामने नहीं आई है. अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि तंगसिरी इजराइल या अमेरिका द्वारा किए गए हमले में मारे गए, या मौत की परिस्थितियां क्या थीं. ईरान ने भी इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
अलीरेजा तंगसिरी ईरान की नौसेना रणनीति में केंद्रीय व्यक्तित्व थे. बुशेहर प्रांत में जन्मे तंगसिरी ने ईरान-इराक युद्ध और 1980 के दशक के टैंकर युद्धों में सक्रिय भूमिका निभाई थी. ये टैंकर युद्ध ईरान और अमेरिका के बीच पहला सीधा टकराव माना जाता है. तंगसिरी ने 2010 से 2018 तक वे IRGC नेवी के उप-कमांडर का पद संभाला. इसके बाद अगस्त 2018 में उन्हें नौसेना कमांडर की जिम्मेदारी मिली. ईरान के समुद्री अभियानों में IRGC नेवी की महत्वपूर्ण भूमिका है, खासकर खाड़ी क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान रहा है.
तंगसिरी ने पिछले कुछ हफ्तों में होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास ईरान की गतिविधियों को लेकर काफी आक्रामक रुख अपनाया था. उन्होंने कुछ दिनों पहले अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर हमला करते हुए कहा था कि हमारी लक्ष्यों की सूची अपडेट हो गई है.
अमेरिका से जुड़ी तेल सुविधाएं अब अमेरिकी ठिकानों के बराबर मानी जाएंगी और उन पर पूरी ताकत से हमला किया जाएगा. उन्होंने नागरिकों और कर्मचारियों को इस क्षेत्र से दूर रहने की सलाह भी दी थी. अमेरिका ने बार-बार कहा है कि ईरान की नौसेना क्षमताओं को बेअसर करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. विश्लेषकों का मानना है कि तंगसिरी की मौत ईरान के समुद्री अभियानों को कमजोर कर सकती है, खासकर होर्मुज़ को नियंत्रित करने की क्षमता पर असर पड़ सकता है.