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India Daily

मिडिल ईस्ट संकट की वजह से फूल रही सरकार की सांसें! पेट्रोल-डीजल, गोल्ड के बाद अब बैंकों को दिए ये आदेश

वित्त मंत्रालय ने बैंकों, बीमा कंपनियों और वित्तीय संस्थानों को खर्च घटाने के निर्देश दिए हैं. विदेश यात्राएं कम करने, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बढ़ाने और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग पर जोर दिया गया है. सरकार ने इसे भविष्य की जरूरतों के तहत सुधारात्मक कदम बताया है.

KanhaiyaaZee
मिडिल ईस्ट संकट की वजह से फूल रही सरकार की सांसें! पेट्रोल-डीजल, गोल्ड के बाद अब बैंकों को दिए ये आदेश
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: वित्त मंत्रालय ने बैंकों, बीमा कंपनियों व अन्य वित्तीय संस्थानों को निर्देश जारी कर खर्चों में कटौती करने को कहा है. वित्त मंत्रालय ने कहा है कि इस तरह के प्लान तैयार किए जाएं, जिससे सरकारी खर्चों में कटौती की जा सके. वित्त मंत्रालय ने जो आदेश जारी किए हैं, उसमें अधिकारियों की विदेश यात्राएं कम करने से लेकर, बैठकों के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का ज्यादा उपयोग और इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर शिफ्टिंग करना शामिल हैं.

देश में हालात तेजी से बदल रहे हैं. पीएम मोदी के देशवाशियों से सोना न खरीदने, ईंधन बचाने व खर्च कम करने की अपील के बाद एक के बाद एक सरकार द्वारा जिस तरह से आदेश-निर्देश जारी किए जा रह हैं, उससे सवाल उठने लगे हैं कि क्या देश में सब ठीक है? हालांकि सरकार का कहना है कि भविष्य को देखते हुए सुधारों पर जोर दिया जा रहा है, इससे लोगों को घबराने की जरुरत नहीं है.

पीएम मोदी की अपील का दिख रहा असर

पीएम मोदी के अपील के बाद मंत्रियों, सांसदों व अधिकारियों ने पहले ही काफिले की गाड़ियां कम कर ली है और कई राज्यों में मुख्यमंत्री तक सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल कर रहे हैं. मिडिल ईस्ट में जारी संकट का असर भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देशों में अब स्पष्ट नजर आने लगा है, जिसने भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को लेकर कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं. 

वित्त मंत्रालय के आदेश में क्या?

जानकारी के मुताबिक वित्त मंत्रालय द्वारा जारी ये ताजा आदेश स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI, बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) समेत अन्य फाइनेंस और इंश्योरेंस फर्मों पर लागू होगा आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि सरकार द्वारा लागू किए जाने वाले नए कॉस्ट कटिंग उपायों के तहत सभी बैठकें, काम-प्रोजेक्ट्स की समीक्षाएं और सुझावों के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मीटिंग आयोजित की जानी चाहिए, ऐसा तब तक होना चाहिए, जब तक कि शारीरिक उपस्थिति अनिवार्य न हो. इसके अलावा चेयरमैन, एमडी या CEO समेत अन्य टॉप ऑफिशियल की विदेश यात्रा निर्धारित लिमिट से कम रखी जानी चाहिए, और जहां तक ​​संभव हो, विदेशी कार्यक्रमों में वर्चुअल तौर पर भाग लिया जाना चाहिए.