नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका को कड़ा संदेश दिया है. भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि मौजूदा हालात में ईरान अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत के लिए तैयार नहीं है. उनका कहना है कि देश अपने सम्मान और जमीन की रक्षा के लिए हर बलिदान देने को तैयार है. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि हालात ऐसे ही बने रहे तो संघर्ष लंबे समय तक जारी रह सकता है.
भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में अमेरिका के साथ बातचीत की कोई संभावना नहीं है. उनके मुताबिक हालात इतने तनावपूर्ण हैं कि वार्ता का माहौल ही नहीं बन पा रहा. उन्होंने कहा कि यदि स्थिति नहीं बदली तो ईरान लंबे समय तक संघर्ष का सामना करने के लिए तैयार है. उनका कहना था कि देश के लोग अपनी भूमि और सम्मान की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं.
इलाही ने बताया कि ईरान के शहरों और कस्बों में लोगों के बीच गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है. उन्होंने कहा कि आम नागरिक खुले तौर पर यह कह रहे हैं कि वे अपने देश की रक्षा के लिए खून बहाने से भी पीछे नहीं हटेंगे, लेकिन अपनी जमीन किसी को नहीं सौंपेंगे. उनके अनुसार यह भावना ईरान की राष्ट्रीय एकता और दृढ़ संकल्प को दर्शाती है, जो किसी भी बाहरी दबाव के सामने झुकने को तैयार नहीं है.
ईरानी प्रतिनिधि ने कहा कि देश पहले भी कठिन दौर से गुजर चुका है. उन्होंने ईरान-इराक युद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि वह संघर्ष आठ वर्षों तक चला था, जिसे देश ने मजबूती से झेला. उनके मुताबिक ईरान को लंबे समय तक चलने वाले युद्धों का अनुभव है और इसी कारण वह मौजूदा हालात का सामना करने के लिए मानसिक रूप से तैयार है. उनका कहना था कि यदि जरूरत पड़ी तो यह संघर्ष वर्षों तक भी जारी रह सकता है.
इलाही ने कहा कि यह संकट केवल ईरान या अमेरिका तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर पूरी दुनिया पर दिखाई दे रहा है. ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है और तेल-गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. उन्होंने विश्व समुदाय से अपील की कि हालात को और बिगड़ने से रोकने के लिए हस्तक्षेप किया जाए. साथ ही उन्होंने कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अपनी स्वतंत्रता और सुरक्षा की रक्षा करना उसकी प्राथमिकता है.