नई दिल्ली: देश में प्रतियोगी और सार्वजनिक परीक्षाओं को लेकर लगातार उठते सवालों के बीच केंद्र सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की दिशा में कदम बढ़ाया है. सरकार ने छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों, शिक्षण संस्थानों, तकनीकी विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों से सुझाव मांगे हैं. यह कवायद नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता वाली हाई-पावर्ड टास्क फोर्स कर रही है. इसका दायरा परीक्षा आयोजित करने की प्रक्रिया से लेकर सुरक्षा, प्रश्नपत्र की संरचना, तकनीक, शिकायत निवारण और छात्रों के कल्याण तक रखा गया है.
केंद्र सरकार ने सार्वजनिक परीक्षाओं में व्यापक सुधार के लिए हाई-पावर्ड टास्क फोर्स का गठन किया है. इसकी अध्यक्षता नंदन नीलेकणि कर रहे हैं. टास्क फोर्स को सार्वजनिक परीक्षाओं के संचालन, सुरक्षा, डिजाइन और प्रशासन से जुड़े पहलुओं की समीक्षा कर केंद्र को सुधार संबंधी सिफारिशें देने की जिम्मेदारी दी गई है. इसमें नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA की ओर से आयोजित होने वाली परीक्षाएं भी शामिल हैं.
सरकार ने इस प्रक्रिया में अलग-अलग वर्गों की भागीदारी मांगी है. छात्र और अभ्यर्थी, अभिभावक, शिक्षक, शिक्षण संस्थान, परीक्षा कराने वाली एजेंसियां, विषय विशेषज्ञ और तकनीकी पेशेवर सुझाव दे सकते हैं. इसके अलावा उद्योग संगठन, सिविल सोसायटी संस्थाएं और अन्य इच्छुक लोग भी अपनी राय भेज सकते हैं. सरकार का मानना है कि परीक्षा व्यवस्था से जुड़े लोगों का अनुभव और व्यावहारिक सुझाव सुधार की दिशा तय करने में मददगार होंगे.
टास्क फोर्स परीक्षा की सुरक्षा और उसकी विश्वसनीयता मजबूत करने के उपायों पर विचार कर रही है. परीक्षा डिजाइन और मूल्यांकन पद्धति के साथ शासन, जवाबदेही और संस्थागत व्यवस्था की भी समीक्षा होगी. नकल और दूसरी अनियमितताओं की रोकथाम, पहचान और शिकायतों के समाधान के लिए बेहतर व्यवस्था पर सुझाव लिए जाएंगे. सुरक्षित कंप्यूटर आधारित परीक्षा यानी CBT के इस्तेमाल और परीक्षा केंद्रों के भौतिक तथा तकनीकी ढांचे को मजबूत करने पर भी ध्यान रहेगा.
नई परीक्षा व्यवस्था में सामाजिक, आर्थिक, क्षेत्रीय और भाषाई आधार पर उम्मीदवारों की पहुंच और भागीदारी बेहतर बनाने पर भी जोर है. पारदर्शिता, शिकायत निवारण और अभ्यर्थियों के साथ बेहतर संवाद को लेकर सुझाव मांगे गए हैं. परीक्षा के दौरान छात्रों के मानसिक और समग्र कल्याण से जुड़े उपाय भी समीक्षा का हिस्सा होंगे. सरकार ने कहा है कि हितधारक इसके अलावा किसी ऐसे मुद्दे या उपाय का सुझाव भी दे सकते हैं, जो परीक्षा प्रणाली को बेहतर बना सके.
सार्वजनिक परामर्श में शामिल होने की अंतिम तारीख 13 सितंबर 2026 तय की गई है. सुझाव अंग्रेजी, हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में दिए जा सकते हैं. इसके लिए सरकार ने एक समर्पित सार्वजनिक परामर्श पोर्टल उपलब्ध कराया है. इसके अलावा 1800-180-4747 पर फोन, +91 78270 42830 पर WhatsApp में "hptf" लिखकर या [email protected] पर ईमेल के जरिए भी सुझाव भेजे जा सकते हैं. प्राप्त सुझावों के आधार पर टास्क फोर्स अपनी सिफारिशें तैयार करेगी.