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India Daily

सीक्रेट बंकर से ड्रोन तक, ओमान बैठक से पहले चरम पर अमेरिका-ईरान तनाव; वार्ता फेल हुई तो मिडिल ईस्ट में योगा युद्ध!

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते विवाद को सुलझाने के लिए ओमान में बैठक की जा रही है. हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अगर यह बैठक सफल नहीं होती है तो दोनों देशों के बीच किसी भी समय जंग शुरु हो सकता है.

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Edited By: Shanu Sharma
सीक्रेट बंकर से ड्रोन तक, ओमान बैठक से पहले चरम पर अमेरिका-ईरान तनाव; वार्ता फेल हुई तो मिडिल ईस्ट में योगा युद्ध!
Courtesy: X (@IsraelArmySpoof,@StandUpForTrmp)

नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में स्थिति काफी नाजुक है. अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को कंट्रोल करने के लिए ओमान में एक बैठक आयोजित की गई है. इस बैठक में अब महज कुछ घंटों का समय बचा है. हालांकि इससे पहले दोनों देशों  की सेना आमने-सामने नजर आ रही है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका के लड़ाकू विमानों का टारगेट ईरान के सुप्रीम नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई का सीक्रेट बंकर है. कहा जा रहा है कि ओमान की बैठक अगर सफल नहीं रही तो किसी भी वक्त दोनों देशों के बीच जंग शुरू हो सकती है. 

ईरान-अमेरिका के बीच समझौते की कोशिश

दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव से मीडिल ईस्ट पर खतरा बढ़ता जा रहा है. ऐसे में कतर-तुर्किए और मिस्र की मध्यस्थता से बैठक आयोजित की गई है, जिसकी मेजबानी ओमान कर रहा है. ओमान के विदेश मंत्री बदर अल बुसैदी खुद इस बैठक की मध्यस्थता करेंगे. वहीं ईरान की ओर से अब्बास अराघची और अमेरिका की तरफ से जेरेड कुशनर व स्टीव विटकॉफ इस बैठक में हिस्सा लेंगे. हालांकि एक ओर जहां शांति की बात शुरु की जा रही है, वहीं दूसरी ओर अमेरिकी सेना ने ईरानी ड्रोन को एक बार फिर से मार गिराया है. बैठक से पहले दोनों देशों की ओर से किए जा रहे हमले को शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है. अमेरिकी सेना हाई अलर्ट मोड पर है. वहीं ईरान अंडरग्राउंड मिसाइल सेंटर का दावा कर रहा है. 

बैठक सफल नहीं तो होगा जंग!

ईरान और अमेरिका के बीच होने वाली इस बैठक को बेहद ही महत्वपूर्ण बताया जा रहा है. माना जा रहा है कि अगर दोनों देशों के बीच समझौता सफल नहीं हुआ तो दोनों कभी भी जंग शुरू कर सकते हैं. इस बैठक में ईरान अपने परमाणु कार्यक्रमों के बारे में बात करने के लिए तैयार है. हालांकि अमेरिका ने परमाणु कार्यक्रम के अलावा भी कई मुद्दों पर चर्चा की इच्छा जाहिर की है. हालांकि यह सफल होगा या नहीं इसका पता बैठक के बाद ही चल पाएगा, लेकिन उससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो  ने पहले इस बैठक के सफल होने पर कम उम्मीद जताई है.